नोटबंदी पर RTI: जवाब मिला, जानकारी दी तो 'जान को खतरा' 

New Delhi, Delhi, India
नोटबंदी पर RTI: जवाब मिला, जानकारी दी तो 'जान को खतरा' 

रिजर्व बैंक ने एक आरटीआई के जवाब में कहा कि जानकारी से जान और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा है। 

नई दिल्ली. आरटीआई के तहत नोटबंदी को लेकर पूछे गए सवाल पर मजेदार जवाब मिला है। रिजर्व बैंक ने एक आरटीआई के जवाब में कहा कि जानकारी से जान और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा है। इस जवाब के साथ आरबीआई ने 500 और 1000 रुपये के नोटों को बंद करने के फैसले की डिटेल साझा करने से साफ़ मना कर दिया। 

किसने पूछा था सवाल 

सवाल ब्‍लूमबर्ग न्‍यूज ने आरटीआई के तहत पूछा था। कुल 14 सवालों पर जानकारी मांगी गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक़ 11 जनवरी तक इनमें से सिर्फ पांच के जवाब मिले। इसमें बैंक की बोर्ड मीटिंग के वक्त और तारीख की डिटेल के साथ ही जानकारी दी गई कि बोर्ड ने 8 नवंबर से पहले नोटबंदी पर चर्चा नहीं की थी। बैंकों में बिना मूल्‍य के कितने नोट जमा हुए उसके पास इसकी जानकारी नहीं है। नए नोटों को छापने को लेकर पूछे गए दो सवाल, प्रिंटिंग प्रेस संभालने वाले सरकारी संगठनों के पास भेज दिया गया है।

आरबीआई ने आरटीआई के नियमों का दिया हवाला 
आरबीआई ने जवाब में कहा कि बोर्ड ने किस आधार पर नोटबंदी पर चर्चा की और इसे लेकर क्या तय हुआ? यह सवाल आरटीआई एक्‍ट की जानकारी के दायरे में नहीं है। ब्‍लूमबर्ग के मुताबिक़ नोटबंदी का विरोध करने वाले बोर्ड सदस्‍यों को लेकर तीन बार पूछे गए एक सवाल पर अलग-अलग जवाब मिले। दो जवाबों में कहा गया कि निर्णय सबकी सहमति से लिया गया। एक दूसरे जवाब में बताया गया कि जानकारी रिकॉर्ड में मौजूद नहीं है। 

भारत की अखंडता को खतरा, नहीं दिया जवाब 

नोटबंदी की घोषणा के वक्त बैंकों में कितने पुराने नोट थे, इसी सवाल पर आरबीआई ने जानकारी सार्वजनिक करने वाले की जान को खतरा बताया। रिजर्व बैंक ने दो अन्‍य सवालों को भी टाल दिया। एक सवाल जिसमें नोटबंदी की तैयारियों और असर की भविष्‍यवाणी को लेकर जवाब में कहा, "इससे भारत की स्‍वायत्‍तता, अखंडता और सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी।" 

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