धौनी ने क्यों छोड़ी कप्तानी, PC में खुद किया खुलासा 

Pune, Maharashtra, India
धौनी ने क्यों छोड़ी कप्तानी, PC में खुद किया खुलासा 
पुणे/मुंबई एकदिवसीय और T20 मैचों में टीम इंडिया की कप्तानी छोड़ने को लेकर पहली बार महेंद्र सिंह धौनी ने अपनी बात रखी है। पुणे में उन्होंने कहा, "मैं सही वक्त का इंतजार कर रहा था। मैं चाहता था कि विराट टेस्ट फॉर्मेट की कप्तानी में आसानी से ढल जाएं। विराट हमेशा से तैयार थे और मुझे लगा कि ये सही वक्त है उन्हें ये दायित्व सौंपने का।" उन्होंने कहा, टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के वक्त से ही मुझे लगने लगा था कि भारत में तीनों फॉर्मेट में अलग-अलग कप्तानी काम नहीं करती। उनका बयान उस वक्त आया है जब कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि उन पर कप्तानी छोड़ने का दबाव था। 

बीसीसीआई के मुख्य सिलेक्टर एम्एसके प्रसाद नागपुर में रणजी मैच के दौरान उनसे मिले थे और बोर्ड की इच्छा से उन्हें अवगत कराया था। मुलाक़ात के कुछ घंटों बाद ही धोनी ने कप्तानी छोड़ने का अनाउंसमेंट किया।  हालांकि दबाव जैसी बात पर परसाद ने इनकार किया था। 



विराट को 100 बार सलाह दूंगा, वो 100 बार मना भी कर सकता है 

विराट को सलाह देने के सवाल पर धोनी ने कहा, अगर मैं 100 बार उसे सलाह देता हूं और वह (विराट) 100 को मना भी कर देता है तो मुझे परेशान नहीं होना चाहिए। जरूरी ये है कि इसी तरह का रिलेशन टीम में हो कि अगर मैं सलाह दूं तो उसे लागू करने की उस पर मजबूरी न हो। और, मैं भी ये उम्मीद ना करूं कि मेरी हर सलाह वह माने ही। धोनी ने कहा, यह विराट को तय करना है कि खिलाड़ियों की सलाह पर उसे कैसे फैसला लेना है। उन्होंने यह भी कहा, "मैं विकेट के पीछे से उसे सलाह देता रहूंगा।''


धौनी ने कब लिया था कप्तानी छोड़ने का फैसला 

कप्तानी छोड़ने के फैसले को लेकर कहा, ''मेरे लिए भारत में साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज आखिरी थी। यही वजह थी कि मैं जिम्बाब्वे भी गया। भारत के माहौल में अलग-अलग फ़ॉर्मेट में कप्तानी ज्यादा काम नहीं करती। जब मैने टेस्ट से संन्यास ले लिया तब भी मेरे इस विचार में बदलाव नहीं आया। एक दिवसीय फ़ॉर्मेट में कप्तानी चुनौतीपूर्ण नहीं है, विराट इसके लिए अच्छी तरह तैयार है।"विराट को लेकर धौनी ने कहा, वह हमेशा साथी खिलाड़ियों को इम्प्रूव करना चाहता है और सहयोग करना चाहता है। उसकी कामयाबी के पीछे यही बात है। धौनी ने कहा, हमेशा अच्छा करने की चाह विराट दूसरों से अलग करती है। 

विकेटकीपर टीम का हमेशा वाइस कैप्टन होता है 

टीम में अपनी भूमिका को लेकर धौनी ने कहा, एक विकेटकीपर हमेशा अपनी टीम का वाइस कैप्टन होता है। फील्ड सेटिंग में विकेटकीपर की सबसे बड़ी भूमिका होती है। अपनी बैटिंग को लेकर कहा, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता मैं कहां बैटिंग कर रहा हूं। बस टीम को जीतना चाहिए। बताया कि पहले उन्होंने जरूरत के हिसाब से अलग-अलग बैटिंग ऑर्डर पर बल्लेबाजी की। अब टीम को जहां जरूरत होगी बल्लेबाजी करूंगा। 

कप्तानी का पूरा लिया मजा

हाल ही में महेंद्र सिंह धौनी ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने टीम इंडिया की कप्तानी का पूरा मजा लिया। एक कप्तान का काम होता है कि वह अपने खिलाड़ियों से सौ फीसदी निकालवाए।

किसी भी नंबर पर बल्लेबाजी को तैयार

धौनी ने कहा कि कप्तानी के दौरान मेरा बैटिंग ऑर्डर फिक्स नहीं था, मुझे 25 से 30 ओवर खेलने को नहीं मिलते थे। स्वाभाविक है कि टीम की जरूरत के हिसाब से अपनी बैटिंग में बदलाव किया। लेकिन अब किसी भी नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिए तैयार हूं।

नहीं खेल पाता था नेचुरल गेम

धौनी ने इस बात को भी स्वीकार किया कि बैटिंग ऑर्डर की वजह से वह नेचुरल गेम नहीं खेल पाता था।

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