कड़ाके की ठंड में भूखी-प्यासी मां को सब इंस्पेक्टर बेटे ने जंजीरों से बरामदे में बांधा

Indore, Madhya Pradesh, India
कड़ाके की ठंड में भूखी-प्यासी मां को सब इंस्पेक्टर बेटे ने जंजीरों से बरामदे में बांधा

दोनों बेटे पुलिस महकमे में हैं मां को सरकारी आवास में बरामदे में जंजीरों से बांधा हुआ था। 

झाबुआ/इंदौर। बेटे कड़क खाकी वर्दी पहनते हैं। कंधे पर भारत मां की सुरक्षा का बोझ उठाते हैं लेकिन अपनी ही मां की भूख और कड़ाके की ठंड से रक्षा ना कर पाए। जी हां, पत्रिका मध्यप्रदेश आज आपको समाज की एक घिनौनी सच्चाई दिखा रहा है। झाबुआ में एक एएसआई बेटे ने अपनी असहाय मां को कड़ाके की ठंड में बरामदे में जंजीरो से बांध रखा था। यहां पुलिस महकमे के आला अधिकारियों ने बीच में पड़कर वृद्ध महिला को जंजीरों से मुक्त करवाया। 

मानवता को शर्मसार करने वाली यह घटना झाबुआ के डीआरपी लाइन की है। यहां एक वृद्ध महिला को उसके ही बेटे ने घर के बाहर बेड़ियों से बांध कर रखा था। आश्चर्य और दुख यह है कि ब्रोबाई नामक इस वृद्धा का यह बेटा महावीर वर्मा पुलिस महकमे में सब इंस्पेक्टर है वहीं दूसरा बेटा हेड कांस्टेबल। फिर भी वे इतने निर्दयी की बूढ़ी मां को बिना कपड़ों के भूखे-प्यासे, कड़ाके की ठंड में बरामदे में बांध रखा था। 

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inhuman behaviour

मां घर के बाहर चादरों के बने शेड में ठिठुरती रहती लेकिन बेटों को उन पर दया नहीं आती। किसी पड़ोसी ने बेटों की इस करतूत की शिकायत पुलिस अधीक्षक महेशचंद्र जैन से की। महेश चंद्र जैन ने तुरंत वहां के थाना प्रभारी आरसी भास्करे को महावीर वर्मा के घर भेजा। आरसी भास्करे अपने साथ महिला प्रकोष्ट की सब इंसपेक्टर अनीता तोमर को लेकर महावीर वर्मा के घर गए।

महावीर वर्मा के घर पर दस्तक देने से पहले ही इन्हें चादरों का बना एक शेड दिखा। शेड के अंदर घुसते ही वे दंग रह गए। चादरों के बीच में ब्रोबाई अर्धनग्न चारपाई पर पड़ी थी। उनकी दयनीय स्थिति देख लग रहा था कि उन्होंने कई दिनों से ठीक से भोजन भी नहीं किया है। एस आई आनिता तोमर ने वृद्धा को कपड़े पहनाएं फिर जूस पिलाया। वहीं थाना प्रभारी आरसी भास्करे ने जब एसआई महावीर वर्मा से पूछताछ की तो एसआई ने कहा कि मां बार-बार भाग जाती थी इसलिए बेड़ियां पहनाईं। 

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जब पूछा गया कि इतनी कड़कड़ाती ठंड में मां को ठीक से कपड़े भी नहीं पहनाए गए तो वे आंखे चुराते नजर आए। पड़ोसियों ने बताया कि लगभग 2 माह से बेटे ने ब्रोबाई को ऐसे ही बरामदे में बांध रखा है। बड़े बेटे को इसकी खबर थी लेकिन वह भी मां  की जिम्मेदारी निभाने से बचना चाहता था। टीआई  भास्करे का कहना है कि महावीर वर्मा के इस अमानवीय व्यवहार के लिए उन पर कानूनन कार्यवाही की जाएगी। वहीं एसआई से प्यार भरे शब्द सुन ब्रोबाई की आंखों से आंसू बहने लगे। अब ब्रोबाई को उनकी बेटी के सुपुर्द किया गया है।

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