योगेश गर्ग हत्याकांड की सुनवाई स्थानांतरित करने की याचिका खारिज

Kamal Singh

Publish: Feb, 17 2017 10:05:00 (IST)

Indore, Madhya Pradesh, India
योगेश गर्ग हत्याकांड की सुनवाई स्थानांतरित करने की याचिका खारिज

आरोपी पक्ष की ओर से केस की सुनवाई महू से स्थानांतरित करने की याचिका पहले ट्रायल कोर्ट में दायर की गई थी।


इंदौर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने महू के चर्चित अधिवक्ता योगेश गर्ग हत्याकांड की सुनवाई महू से स्थानांतरित करने की याचिका खारिज कर दी। याचिका आरोपियों की ओर से राजू पिता चिमनलाल ने लगाई गई थी।
गर्ग की 18 नवम्बर 2015 को महू में दो बाइक सवारों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में मास्टर माइंड मांगीलाल पारीक सहित चार जनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। उस समय से मामले की सुनवाई महू के द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के समक्ष हो रही है। आरोपी पक्ष की ओर से केस की सुनवाई महू से स्थानांतरित करने की याचिका पहले ट्रायल कोर्ट में दायर की गई थी। वहां से खारिज होने पर वे हाईकोर्ट में आए थे।

यह भी पढ़ें:-
मेरे हर सौदे में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी मांग रहा था वकील, इसलिए किया मर्डर

हाईकोर्ट में याचिका में आरोपी पक्ष की ओर से दलील दी गई कि चूंकि मृतक महू का अधिवक्ता था, इसलिए स्थानीय बार एसोसिएशन का बहुत दबाव है तथा स्थानीय कोर्ट भी इस दबाव को महसूस कर रही है। ऐसे में आरोपी पक्ष को वहां न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है। आरोपी पक्ष की ओर से उनके परिजन को खतरे व पेशियों पर आरोपियों से नहीं मिल पाने की दलीलें भी दी गईं।




यह भी पढ़ें:-
हाई कोर्ट वकील की सरेराह गोली मारकर हत्या, हत्यारे फरार

इन दलीलों पर आपत्ति जताते हुए सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता सुनील जैन, उप महाधिवक्ता पुष्यमित्र भार्गव तथा योगेश गर्ग की पत्नी की ओर से अधिवक्ता रविंदर सिंह छाबड़ा और पौरुष रांका ने तर्क रखे कि आरोपी पक्ष के परिजन की ओर से खतरे के संबंध में अधिकृत तौर पर कहीं कोई बात नहीं की गई है और न ही कोई शिकायत या रिपोर्ट की गई है। इसी तरह आरोपी पक्ष बार एसोसिएशन के दबाव या स्थानीय कोर्ट पर दबाव के संबंध में भी कुछ प्रमाण नहीं दे पाया है। आरोपी पक्ष की सारी बातें व तर्क अनुमान पर आधारित हैं। इसलिए इन्हें खारिज किया जाना चाहिए।


advocate yogesh garg murder case

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश पीके जायसवाल ने सुनवाई के स्थानांतरण के आग्रह की आरोपियों की याचिका खारिज कर दी। उन्होंने अपने आदेश में कहा कि आरोपियों की ओर से स्थानांतरण के आग्रह के पक्ष में दिए गए आधार पर्याप्त नहीं हैं, इसलिए याचिका खारिज की जाती है।

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned