डार्क  कांप्लेक्शन की वजह से ग्रे शेड रोल ही होते थे ऑफर

Indore, Madhya Pradesh, India
डार्क  कांप्लेक्शन की वजह से ग्रे शेड रोल ही होते थे ऑफर

सीरियल के प्रमोशन के लिए आईं एक्ट्रेस सीमा आजमी से चर्चा

इंदौर.   गोरे रंग के प्रति आज भी हमारे देश में आकर्षण है और मुझे डार्क कॉम्प्लेक्शन की वजह से पहले ग्रे शेड वाले रोल ही ऑफर किए जाते थे। मैं एनएसडी से हूं इसलिए यह माना जाता था कि ये किसी गरीब महिला का रोल ही कर सकेंगी। मैं टाइप कास्ट नहीं होना चाहती थी इसलिए सही रोल का इंतजार किया। इसलिए टीवी के डेली सोप में मेरी एंट्री देर से हुई। ये कहना है चक दे इंडिया और वाटर जैसी फिल्मों में अभिनय कर चुकी एक्ट्रेस सीमा आजमी का। वे स्टार प्लस पर अपने अपकमिंग शो 'इस प्यार को क्या नाम दूं' के प्रमोशन के लिए सोमवार को शहर में थीं।


सीरीयल में सीमा आजमी नायिका की मौसी बनी हैं जो बेहद अलमस्त टाइप की इंसान है। उसे मेकअप का शौक है और गलत अंग्रेजी बोलने का भी और उसे कोई परवाह नहीं है कि कोई उसे क्या कहेगा। इस रोल में कॉमेडी भी है और इमोशंस भी, इसलिए इसे करने में बेहद मजा आ रहा है। आजमगढ़ की मूल निवासी सीमा दिल्ली में पली-बढ़ी हैं और नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से गेज्युएट हैं। फिलहाल मुंबई में भी अपना खुद का थिएटर ग्रुप चलाती हैं। उनका कहना है कि थिएटर को कभी नहीं छोड़ेंगी।


एक्टिंग में आने के लिए करना पड़ा संघर्ष
सीमा का कहना है कि आजकल पैरेंट्स बच्चों को एक्टिंग फील्ड में भेजना चाहते हैं पर 20 साल पहले एेसा नहीं था। जब मैंने एनएसडी में जाना चाहा तो पैरेंट्स ने पहले मना किया। उन्हें थिएटर एक्टिंग को बतौर कॅरियर अपनाना पसंद नहीं था, लेकिन मैं कुछ अलग करना चाहती थी इसलिए डटी रही।


डेडीकेटेड आर्टिस्ट हैं शाहरुख
चक दे इंडिया में एक तरफ सुपर स्टार शाहरुख थे और दूसरी ओर सब नई लड़कियां।  पहली बार वह जब सेट पर आए तो हमारे चेहरे पर हवाइयां उड़ रही थीं। वह हमारी नर्वसनेस भांप गए। उन्होंने हमें हग किया और हंसंी-मजाक के जरिए झिझक दूर की। वह सेट पर टाइम से आते थे। फिल्म में हॉकी की प्रैक्टिस वाले दृश्यों में हम सभी के बहुत बार रीटेक होते थे और हर बार शाहरुख को उतनी ही बार दौडऩा पड़ता था, लेकिन उन्होंने कभी किसी को डांटा नहीं । वाकई अपने काम के प्रति वह डेडिकेटेड हैं। 

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