सास-बहू के रिश्ते को मजबूत बनाती है...सरगी

Narendra Hazare

Publish: Oct, 19 2016 06:47:00 (IST)

Indore, Madhya Pradesh, India
सास-बहू के रिश्ते को मजबूत बनाती है...सरगी

करवा चौथ का पर्व पति-पत्नी ही नहीं बल्कि सास-बहू के रिश्ते में भी लाता हैं मिठास

रीना शर्मा
इंदौर. सुहागनों के लिए वैसे तो सभी व्रत और त्यौहार बहुत खास होते हैं लेकिन करवा चौथ का व्रत सबसे खास माना जाता है। यह व्रत पत्नियां अपने पति की लंबी उम्र के लिए करती है। नवविवाहिता के लिए पहला करवा चौथ काफी अहम् होता है इस दिन वे बहुत सी तैयारियां तो करती है बल्कि एक अलग ही अहसास लेकर वह यह व्रत रखती है।

करवा चौथ का व्रत न सिर्फ पति-पत्नी के रिश्ते को मजबूत बनाता है बल्कि यह पर्व सास-बहू के रिश्ते के रिश्ते में भी मजबूती व मिठास लाता है। जिस तरह महिलाएं इस दिन खास दिखने के लिए खरीदारी करती हैं और कई दिनों पहले से ही तैयारियों में जूट जाती हैं ठीक उसी तरह सास की तैयारियां भी बहू के लिए कुछ खास ही होती है।
सास अपनी बहू को प्रतिवर्ष करवा चौथ के दिन सरगी देती हैं और इसी से यह रिश्ता उनके बीच अटूट हो जाता है। बहू के लिए सास करवा से लेकर, सुहाग का सामान और बल्कि व्यंजन बनाकर भी तैयार रखती हैं सुबह उठने के बाद सास के द्वारा दी हुई सरगी से ही बहू व्रत की शुरुआत करती है। सरगी में दूध फेनी व मिठाईयां भी होती है। हालांकि कुछ बहुएं भी अपनी सास के लिए तोहफा खरीदती हैं और वे भी इस रिश्ते को हमेशा के लिए मजबूत बनाए रखने में कोई कसर नहीं छोड़ती।

तोहफे देने का रिवाज
करवा चौथ के दिन पति अपनी पत्नी को चन्द्रोदय के बाद खास उपहार देकर उन्हें खुश करते हैं तो वहीं सास बहू को सरगी देती है और बहू अपनी सास को तोहफे में साड़ी या पसंदीदा चीज देकर आशीर्वाद लेती हैं तो वहीं मायके से भी जोड़ा और अन्य तोहफें दिए जाते हैं। इसी तरह नई नवेली दुल्हन को ससुराल के अन्य लोग भी अपनी ओर से खुशियों के रूप में तोहफे देते हैं और इस तरह इस पर्व पर सालों से ही तोहफे का रिवाज सा चल पड़ा है। इसके साथ ही इस दिन लाल रंग का बहुत महत्व होता है। इस पर्व पर अधिकांश महिलाएं सौलह श्रृंगार कर लाल रंग की साड़ी या लहंगा ड्रेस पहनती है।


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