जानिए कैसे पीएससी की एक गलती ने 15 लोगों को अधिकारी बनने से रोका

Indore, Madhya Pradesh, India
जानिए कैसे पीएससी की एक गलती ने 15 लोगों को अधिकारी बनने से रोका

एमपी-पीएससी ने 9 माह बाद सुधारी भूल, 15 अभ्यर्थी के  इंटरव्यू आयोग ने जारी की संशोधित चयन सूची

इंदौर. मप्र लोक सेवा आयोग (एमपी पीएससी) ने राज्य सेवा परीक्षा 2015 में हुई गड़बड़ी को भूल मानते हुए सुधार किया है। आयोग ने 15 अभ्यर्थी के अलग से इंटरव्यू कराते हुए संशोधित प्राप्तांक और चयन सूची जारी की। इस प्रक्रिया में वाणिज्यिक कर अधिकारी की चयन सूची में बदलाव हुआ है।
राज्य सेवा परीक्षा 2015 की चयन सूची अप्रैल 2017 में जारी हुई थी। 410 पद की सूची को निरस्त करते हुए संशोधित चयन सूची गुरुवार देर शाम को घोषित की गई। पिछले अगस्त में मुख्य परीक्षा का रिजल्ट में आयोग ने पाया कि तकनीकी गड़बड़ी से 15 पात्र अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिए चयनित होने से रह गए थे। इनके आयोग ने अप्रैल में अलग से इंटरव्यू कराए। इस कारण वेटिंग सूची में भी बदलाव हो गया। आयोग की उप सचिव वंदना वैद्य ने कहा, चयन सूची में स्पष्ट था कि कम्प्यूटर या लिपिकीय त्रुटि संज्ञान में आने पर आयोग का परिणाम सुधारने का अधिकार सुरक्षित रहेगा।

नौ महीने बाद पता चली भूल
पीएससी-2015 की मुख्य परीक्षा का रिजल्ट 30 अगस्त 2016 को जारी हुआ था। इसी आधार पर इंटरव्यू हुए और अंतिम परिणाम जारी हुआ। 30 मई 2017 यानी मुख्य परीक्षा का रिजल्ट जारी होने के नौ महीने बाद पीएससी को याद आया कि उस रिजल्ट में त्रुटि हुई थी। इसी आधार पर घोषित परिणाम को रद्द करने का ऐलान कर दिया गया। पीएससी ने घोषणा की कि कम्प्यूटर की गलती से मुख्य परीक्षा के परिणाम में 15 लोग जो सफल थे, वे इंटरव्यू की चयन सूची से बाहर रह गए। इन सभी उम्मीदवारों का इंटरव्यू 24 अप्रैल को करवाया गया। इसके बाद फिर नया रिजल्ट बना, जो अब जारी किया गया है।

सुधार का अधिकार
परिणाम के साथ ही टीप दी गई थी कि कोई लिपिकीय त्रुटि पता चलती है तो आयोग के पास परिणाम सुधार का अधिकार रहेगा। इसी आधार पर परिणाम संशोधित किए गए हैं।

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned