नायता मुंडला फ्लाईओवर में कई खामियां, ग़लतफहमी में पड़ रहे वाहन चालक  

Shruti Agrawal

Publish: Feb, 16 2017 06:57:00 (IST)

Indore, Madhya Pradesh, India
नायता मुंडला फ्लाईओवर में कई खामियां, ग़लतफहमी में पड़ रहे वाहन चालक  

बायपास स्थित नायता मुंडला फ्लायओवर पर सोमवार रात हुए हादसे में पुलिस ने कार चालक शशिकांत गामी के खिलाफ  लापरवाहीपूर्वक गाड़ी चलाने का केस दर्ज किया है


इंदौर. बायपास स्थित नायता मुंडला फ्लायओवर पर सोमवार रात हुए हादसे में पुलिस ने कार चालक शशिकांत गामी के खिलाफ भले ही लापरवाहीपूर्वक गाड़ी चलाने का केस दर्ज किया है, लेकिन असल में फ्लायओवर पर इतनी खामियां हैं कि अकसर वाहन चालक यहां गफलत में पड़ जाते हैं। खासकर रात में सफर ज्यादा असुरक्षित हो जाता है। बुधवार को पत्रिका ने बायपास पर इन फ्लायओवर का स्कैन किया तो कई खामियां दिखीं।

हाई कोर्ट के आदेश
हाई कोर्ट ने 2 वर्ष पहले राऊ बायपास पर व्याप्त अव्यवस्थाओं पर स्वत: संज्ञान लेते हुए इन्हें सुधारने के लिए एनएचएआई को आदेशित किया था। कोर्ट ने कहा था कि बायपास पर बोर्ड संकेतक, यातायात संकेतक, डायवर्शन संकेतक , रोड डायवर्शन के संकेतक सही तरीके से लगाए जाएं। कोर्ट ने मुख्य मार्ग और सर्विस रोड के बीच स्थित गड्ढों को भी व्यवस्थित करने के निर्देश दिए थे। 


फ्लायओवर की ढलान जहां से शुरू होती है, वहीं से 3 फीट से ज्यादा ऊंची सीमेंट कांक्रीट की रैलिंग अचानक से करीब 1 फीट ऊंचाई की हो जाती है। यह कम ऊंची रैलिंग करीब 160 फीट तक दिखती है, जिसके बाद खत्म हो जाती है। जहां खत्म होती है, वहां से 200 मीटर दूरी पर मुख्य मार्ग से सर्विस रोड पर मुडऩे के लिए किसी तरह के संकेतक भी नहीं हैं।
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फ्लायओवर की बाउंड्रीवॉल से सटी स्टॉर्म वाटर लाइन की करीब 5 फीट चौड़ी नाली बनाई है। इन नालियों से सटी सर्विस रोड है। ये नालियां भी जगह-जगह से खुली हैं।हर फ्लायओवर में अंडरपास हैं, इनकी ऊंचाई 20 फीट है। एेसे में बसों पर थोड़ा भी लगेज रहता है तो बसें निकल नहीं पाती हैं। सर्विस रोड अंधेरे में डूबी रहती है। रात में वाहन चालकों के लिए यह भी खतरनाक है। 


एंड टू एंड होना चाहिए रैलिंग
फ्लायओवर पर मापदंड को ध्यान रखते हुए एंड टू एंड रैलिंग बनना चाहिए, जो वर्तमान में नहीं है। यदि रैलिंग नहीं बनाई गई है तो उसकी जगह मेटल बीम क्रेश बैरियर लगाए जाने चाहिए। फ्लायओवर को गायत्री प्रोजेक्ट लिमिटेड द्वारा बनाया गया है। इसके जल्द निर्माण कार्य के लिए एनएचएआई की ओर से कंपनी को पत्र भेजा गया है। इसी के साथ एनएचएआई मुख्य मार्ग और सर्विस लेन के बीच १९ किलोमीटर लंबी नालियों के ढांकने का कार्य शुरू करेगा।
-सुमित कुमार, परियोजना निदेशक, एनएचएआई

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