NOTE BAN : बीजेपी राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के हाथ हुए तंग 

Shruti Agrawal

Publish: Dec, 01 2016 03:25:00 (IST)

Indore, Madhya Pradesh, India
NOTE BAN : बीजेपी राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के हाथ हुए तंग 

महू विधानसभा को लेकर उनके विरुद्ध चल रही चुनाव याचिका में अपने 36 गवाहों का भत्ता एक साथ भरने में असमर्थता जाहिर की है। 

इंदौर। नोटबन्दी का असर पूरे देश में देखने मिल रहा है। क्या कांग्रेस, क्या आम पार्टी और आम भारतीय बल्कि बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय भी नए नोट के लिए परेशान नजर आए।

मामला कुछ ऐसा है महू विधानसभा को लेकर उनके विरुद्ध चल रही चुनाव याचिका में अपने 36 गवाहों का भत्ता एक साथ भरने में असमर्थता जाहिर की है। कैलाश विजयवर्गीय ने कोर्ट में एक बार में 5-5 गवाहों का भत्ता भरने के लिए आवेदन दिया है। कोर्ट ने उनके आवेदन पर संज्ञान लेते हुए 21 गवाहों का नाम हटाकर 36 की जगह 15 गवाहों को बुलाने की स्वीकृति दी है। साथ ही इनका भत्ता भरने की जगह गवाही वाले दिन ही उन्हें नकद भत्ता देने के लिए कहा है।


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क्या है मामला-  
महू विधानसभा चुनाव में मतदाताओं को लुभाने के लिए पैसे, शराब, बर्तन बांटने के अलावा संहिता का उल्लंघन करने वाले बयान देने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस उम्मीदवार अंतरसिंह दरबार ने कैलाश के खिलाफ यह याचिका दायर की थी।

मूल वीडियो चलाया
कोर्ट रूम में पिछली सुनवाई में चुनाव के दौरान 19 नवंबर 2013 को महू में जनसंपर्क के दौरान कैलाश विजयवर्गीय द्वारा महिला मतदाताओं को नोट बांटने का मूल वीडियो चलाया गया था। सात मिनट के इस वीडियो में कैलाश को कई बार नोट बांटते दिखाया गया है। कभी वे आरती की थाली के नीचे से महिलाओं को नोट दे रहे हैं, तो कभी खुले आम नोट बांटते दिखाई दे रहे हैं। कुछ लोगों को उनके कार्यकर्ता भी रुपए देते नजर आ रहे हैं।

मेरे सामने बांटे गए थे नोट
इस मूल वीडियो कोर्ट में पेश करने वाले गवाह आशीष शास्त्री ने कोर्ट के समक्ष दिए बयान में कहा कि उस दिन मेरे सामने कैलाश विजयवर्गीय ने महिलाओं को नोट बांटे थे। करीब डेढ़ घंटे तक चली सुनवाई में वीडियो को रोक-रोक कर न्यायमूर्ति को दिखाया गया।

पहले गुम गई थी सीडी
एडवोकेट रवींद्र छाबड़ा और विभोर खंडेलवाल ने बताया कि जिस समाचार चैनल पर कैलाश विजयवर्गीय के नोट बांटने वाली खबर और वीडियो चला था, उन्होंने उक्त वीडियो बाद में नष्ट होने की जानकारी कोर्ट को दी थी। उन्होंने समाचार चैनल पर चली खबर की मोबाइल रिकॉर्डिंग पेश की थी। चैनल के स्ट्रिंगर विशाल शर्मा ने वीडियो शूट किया था, जिसकी सॉफ्ट कॉपी महू के आशीष शास्त्री को भी पेन ड्राइव में दी थी। पहले जो मूल वीडियो गुम हो गया था, वो भी अब मिल गया है।

बडग़ोंदा पुलिस ने पेश किया रिकॉर्ड
पिछली सुनवाई पर कोर्ट ने महू के मुख्य निर्वाचन अधिकारी, बडग़ोंदा पुलिस थाने के टीआई और मुख्य नगर परिषद अधिकारी महू को कुछ रिकॉर्ड के मूल दस्तावेज पेश करने के आदेश दिए थे। चुनाव के दौरान विधायक प्रतिनिधि कमल पटेल के खिलाफ शराब बांटने से जुड़ा प्रकरण दर्ज किया गया था, बडग़ोंदा पुलिस ने उसका रिकॉर्ड पेश किया। पटेल का नगर परिषद की बैठकों में विधायक प्रतिनिधि के रूप में शामिल होने से जुड़ा रिकॉर्ड भी पेश किया गया।

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