क्लासिकल म्यूजिक में भी मददगार है टैक्नोलॉजी : सलिल भट्ट

Shruti Agrawal

Publish: Jul, 15 2017 03:27:00 (IST)

Indore, Madhya Pradesh, India
क्लासिकल म्यूजिक में भी मददगार है टैक्नोलॉजी : सलिल भट्ट

टेक्नोलॉजी को हमेशा वेस्टर्न म्यूजिक के साथ जोड़ कर देखा जाता है, जबकि  टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल क्लासिकल म्यूजिक के लिए भी उतना ही मददगार साबित हो रहा है। यह कहना है संगीत जगत को सात्विक वीणा की सौगात देने वाले सलिल भट्ट का।

इंदौर .  सलिल ने बताया कि एक बार साउथ में किसी कार्यक्रम में राग वचस्पति की प्रस्तुति देना चाहते थे, लेकिन प्रस्तुति के ठीक पहले दिमाग बिल्कुल ब्लैंक हो गया और राग वचस्पति के बारे में कुछ याद नहीं आ रहा था। मैंने अपने गुरु और पिता विश्वमोहन भट्ट को फोन लगाया और कहा कि मैं राग वचस्पति की प्रस्तुति देना चाहता हूं, लेकिन मुझे कुछ भी याद नहीं आ रहा है। उन्होंने मुझे वॉट्सएप पर तीन वॉइस नोट भेजे और मैंने उन्हें सुना। इसके बाद मेरी सारी दुविधा दूर हो गई और मैंने उस राग की प्रस्तुति दी।


वीणा और गिटार का एडंवास रूप है सात्विक  वीणा : सलिल भट्ट ने मोहन वीणा और सात्विक वीणा के बारे में बताया। उन्होंने 51 साल पुरानी मोहन वीणा दिखाई जो कि गिटार की तरह नजर आती है। इसका निर्माण विश्व मोहन भट्ट ने किया थाा। उन्होंने बताया कि गिटार में जहां 6 स्ट्रिंग्स होते हैं वही इसमें 14 स्ट्रिंंग्स हैं। 30 साल बाद पिता जी ने और आधुनिक मोहन वीणा तैयार की जिसमें 20 तार थे। उन्होंने वह वीणा भी दिखाई जिसके साथ प्रस्तुति देने पर विश्वमोहन भट्ट को गे्रमी अवॉर्ड मिला था। सलिल ने बताया कि 2002 में मैंने सात्विक वीणा तैयार की। यह गिटार और पारंपरिक वीणा का स्वरूप लिए हुए हैं। 


वादक का कोई घराना नहीं होता : सलिल ने बताया कि शास्त्रीय गायकों का घराना होता है, लेकिन वादकों का कोई घराना नहीं होता। वादक किसी भी घराने की प्रस्तुति देने के लिए स्वतंत्र हैं और अपनी प्रस्तुति में सभी की विशेष बातों को समाहित करने का प्रयास करते हैं।

दो संस्कृति के बीच का पुल है संगीत
पूरे विश्व का संगीत सरगम पर ही आधारित है, बस उनके स्वरूप अलग हैं। संगीत किसी भी देश या संस्कृति का हो वह प्रफुल्लित कर सकता है। संगीत को सीमाओं के बंधन में नहीं बांधा जा सकता है। मैंने भी कनाडा के ब्लूज एक्सपर्ट डॉग कॉक्स के साथ जुगलबंदी कर स्लाइड टू फ्रीडम एलबम तैयार किया था। इसे काफी पसंद किया गया था। मेरा मानना है कि संगीत दो संस्कृति के बीच पुल का काम करता है।

आज पं. विश्वमोहन भट्ट भी करेंगे शिरकत
संगीत गुरुकुल की ओर से सात दिनी ग्रामोफोन फेस्ट का आयोजन किया जा रहा है। इसमें पद्मभूषण पं. विश्वमोहन भट्ट शनिवार को शिरकत करने आ रहे हैं। फेस्ट की शुरुआत सलिल भट्ट की प्रस्तुति से होगी।

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