IT चोरी में खजाना टेक्सटाइल्स के एमडी को जेल, यह करें, आप बच सकते हैं

Kamal Singh

Publish: Feb, 17 2017 08:04:00 (IST)

Indore, Madhya Pradesh, India
IT चोरी में खजाना टेक्सटाइल्स के एमडी को जेल, यह करें, आप बच सकते हैं

कोर्ट की सख्ती...17 साल पुराने मामले में सीबीआई कोर्ट ने गोपी अग्रवाल को सुनवाई सजा


इंदौर.
शहर की ख्यात खजाना टैक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के एमडी गोपी अग्रवाल को इनकम टैक्स चोरी के 17 साल पुराने मामले में सीबीआई कोर्ट ने सजा सुनाई है।
अग्रवाल को दो अलग-अलग धाराओं में 1-1 साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है, हालांकि कारावास की दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। अर्थदंड नहीं भरने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अग्रवाल पर 10 लाख रुपए की आय पर इनकम टैक्स चोरी का आरोप था जो कोर्ट में सही साबित हुआ। विशेष लोक अभियोजक अजय काकाणी के मुताबिक 2000-2001 में अग्रवाल की कंपनी द्वारा जानबूझकर आय छिपाकर कम आयकर भरने पर यह सजा सुनाई गई है। विभाग ने अग्रवाल की पत्नी और कंपनी की एमडी असीमा अग्रवाल को भी मामले में आरोपित बनाया था, लेकिन उन्हें दोषी नहीं पाया गया। एडवोकेट काकाणी ने बताया अग्रवाल ज्योतिष और हस्तरेखा देखने का काम भी करते हैं। गुरुवार को सजा सुनाए जाने के दौरान वह कोर्ट में मौजूद थे।

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ऐसा है मामला

6 जनवरी 2000 को आयकर विभाग ने कपड़ों की शूटिंग एवं शर्टिंग की ट्रेडिंग करने वाली कंपनी खजाना टेक्सटाइल्स के मनोरमागंज स्थित कार्यालय पर सर्वे किया था। सर्वे में यह पाया था कि कंपनी के नियमित बहीखातों के हिसाब से स्टॉक का मूल्य 97 लाख 35 हजार रुपए पाया गया, जबकि आयकर को दी गई जानकारी में स्टॉक का मूल्य 69 लाख 97 हजार ही था। 27 लाख रुपए से अधिक स्टॉक में अंतर था। इस पर करीब 10 लाख रुपए की टैक्स चोरी विभाग ने निकाली। तब से चल रहे इस मामले में गुरुवार को विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट रूपेश कुमार गुप्ता ने गोपी अग्रवाल को सजा सुनाई हैं।

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2011 में फाइल की थी पिटीशन
आयकर अधिकारी अनादि दीक्षित ने वर्ष 2011 में याचिका दाखिल की थी। गोपी अग्रवाल को आयकर अधिनियम की धारा 276सी के अंतर्गत एक वर्ष की कठोर सजा और 5000 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। साथ ही आयकर अधिनियम की धारा 277 के अंतर्गत एक वर्ष का कठोर कारावास एवं पांच हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है। इस तरह से गोपी अग्रवाल को दो वर्ष की सजा और अर्थदंड लगाया है।

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prison for income tax evasion

नहीं चुकाया आयकर
आयकर विभाग ने 24.3.2003 में 1282895 रुपए की करदेयता निर्धारित की थी। इस मामले में आयकर अपीलीय अधिकारी ने 10 लाख रुपए की करदेयता को सही पाया। ट्रिब्यूनल में भी 894993 रुपए की करदेयता को सही माना गया। इसके बाद भी गोपी अग्रवाल ने कर भुगतान नहीं किया। इसके पश्चात आयकर विभाग ने प्रोसिक्यूशन फाइल किया।

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