मार्च में घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या 15 फीसदी बढ़ी

Jameel Khan

Publish: Apr, 20 2017 10:34:00 (IST)

Industry
मार्च में घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या 15 फीसदी बढ़ी

जनवरी से मार्च के बीच घरेलू हवाई यात्रियों की कुल संख्या 272.79 लाख रही, जबकि पिछले साल की समान अवधि के दौरान यह 230.03 लाख थी

नई दिल्ली। देश के घरेलू विमान यात्रियों की संख्या में मार्च के महीने में 14.91 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह संख्या मार्च में बढ़कर 90.45 लाख हो गई। आधिकारिक आंकड़ों से गुरुवार को यह जानकारी मिली। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने अपने सांख्यिकीय विश्लेषण में कहा, जनवरी से मार्च के बीच घरेलू हवाई यात्रियों की कुल संख्या 272.79 लाख रही, जबकि पिछले साल की समान अवधि के दौरान यह 230.03 लाख थी। इस तरह से कुल 18.59 फीसदी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

डीजीसीए द्वारा जारी पिछले आंकड़ों के मुताबिक फरवरी में घरेलू विमान यात्रियों की संख्या में 15.77 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह 86.55 लाख रही, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 74.76 लाख थी। इन आंकड़ों में बताया गया कि समीक्षाधीन अवधि में कम किराए वाली स्पाइसजेट का पैसेंजर लोड फैक्टर (पीएलएफ) सबसे ज्यादा 91.4 फीसदी रहा। पीएलएफ के संदर्भ में स्पाइसजेट के बाद बजट एयरलाइंस एयर एशिया का नंबर 87.8 फीसदी रहा और उसके बाद गो एयर का 84.8 फीसदी रहा।

इसके अलावा आंकड़ों से पता चलता है कि इंडिगो चार प्रमुख हवाईअड्डों बेंगलुरू, नई दिल्ली, हैदराबाद और मुंबई पर समय की पाबंदी के मामले में सबसे आगे है और इसकी दर 88 फीसदी है। इसके बाद स्पाइसजेट (85.7 फीसदी), विस्तारा (85.1 फीसदी), गोएयर (81.8 फीसदी), जेट एयरवेज और जेटलाइट (80.7 फीसदी) और एयर इंडिया (79.7 फीसदी) रही। उड़ान रद्द करने के मामले में मार्च में घरेलू एयरलाइन की दर 0.41 फीसदी रही।

इसके अलावा कुल 680 यात्रियों ने पिछले महीने विमान कंपनियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उड्डयन विनिमायक ने कहा, मार्च में प्रत्येक 10,000 यात्रियों पर शिकायत की दर 0.75 रही। इन आकंड़ों से पता चलता है कि बाजार हिस्सेदारी के मामले में इंडिगो सबसे आगे 39.9 फीसदी रही। उसके बाद जेट एयरवेज (15.4 फीसदी), स्पाइस जेट (13.2 फीसदी), एयर इंडिया (13 फीसदी) और गोएयर (8.9 फीसदी) रही।

फुल सर्विस पैसेंजर कैरियर विस्तारा की बाजार हिस्सेदारी 3.2 फीसदी रही। इसके बाद एयर एशिया इंडिया की 3.1 फीसदी, जेटलाइट की 2.5 फीसदी, ट्रूजेट की 0.5 फीसदी और एयर कार्निवल की 0.1 फीसदी रही।

डीजीसीए के हालिया जनवरी-मार्च 2017 की रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू हवाई यात्रियों की आवाजाही बढ़ रही है... यह मुख्य रूप से लोकप्रिय मार्गों पर एयरलाइंस द्वारा की जा रही क्षमता विस्तार, नए क्षेत्र और किराए में आई थोड़ी कमी के कारण है। ज्यादातर एयरलाइंस गर्मियों के दौरान उड़ानों की संख्या में बढ़ोतरी कर रही है और सरकार की उड़ान योजना भी लागू होने जा रही है। इससे हमें आने वाले महीनों में हवाई यात्रा में और और वृद्धि देखने को मिलेगी।

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