125 MM एंटी टैंक, रूस का ये वर्जन भी है खतरनाक और अति शक्तिशाली

Abha Sen

Publish: Oct, 19 2016 03:23:00 (IST)

Jabalpur, Madhya Pradesh, India
125 MM एंटी टैंक, रूस का ये वर्जन भी है खतरनाक और अति शक्तिशाली

ओएफके में रूसी तकनीक पर आधारित 125 एमएम एंटी टैंक बनाया जा रहा है। ये अपने आप में अति आधुनिक और शक्तिशाली है।

जबलपुर। एक ओर पाक अपनी नापाक हरकतों से बाज नही आ रहा वहीं दूसरी ओर चीन भी किसी न किसी प्रकार से अड़ंगा लगा रहा है। इसके बाद भी भारत लगातार दुश्मनों को धूल चटाते हुए आगे बढ़ रहा है। अब रूस के साथ मिलकर भारत नई जेनरेशन की ब्रह्मोस मिसाइल बनाएगा। इस मिसाइल की रेंज 600 किलोमीटर से कुछ अधिक होगी, जिसमें पूरा पाकिस्तान आ जाएगा। इस मिसाइल से पाकिस्तान के खिलाफ  भारत की मारक क्षमता बढ़ जाएगी और दुश्मन के ठिकानों पर अचूक निशाना लगा पाएगा।

यहां आपको बता दें कि जबलपुर ओएफके में रूसी तकनीक पर आधारित 125 एमएम एंटी टैंक बनाया जा रहा है। ये अपने आप में अति आधुनिक और शक्तिशाली है। इसकी सभी तैयारियां कर ली गई हैं। कोलकाता स्थित हेड ऑफिस से अधिकारी वर्ग इस पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। नवंबर माह में इसका काम शुरू हो जाएगा।

रूसी तकनीक से बनने वाले 125 एमएम एंटी टैंक एमुनेशन बहुत बड़ा प्रोजेक्ट है। शुरू में करीब 12 हजार बम तैयार करने हैं। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद लगातार शहर में स्थित आयुध निर्मार्णियों में सेना के लिए बनने वाले बम, गोला-बारूद के निर्माण में तेजी आ गई है। देश की कुल 41 आयुध निर्माणियों में से 4 जबलपुर में स्थित हैं। जो भारतीय सेना के लिए अत्यंत ही शक्तिशाली हथियार करती हैं। 125 एमएम भी अत्यंत शक्तिशाली और तेज गति की मारक क्षमता रखने वाला वर्जन है।


भारत इस साल जून में मिसाइल टेक्नॉलजी कंट्रोल रिजीम (एमटीसीआर) का मेंबर बना था। रूस इससे खुश है, इसलिए वह भारत के साथ मिलकर नई जेनरेशन की ब्रह्मोस मिसाइल बनाने के लिए तैयार है।

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