दिमाग पर हो रहा एचआईवी पॉजिटिव होने का असर, जानिए क्यों

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दिमाग पर हो रहा एचआईवी पॉजिटिव होने का असर, जानिए क्यों

मेडिकल के मेडिसिन विभाग की रिसर्च

जबलपुर। एचआईवी पॉजिटिव होने का असर दिमाग पर भी पड़ रहा है। सर्वाधिक असर युवा वर्ग पर है। रिसर्च में एक चौथाई पॉजिटिव डिप्रेशन में पाए गए। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मेडिसिन विभाग एवं एआरटी सेंटर के रिसर्च आंकड़े चौंकाने वाले हैं। मार्च 2015 से अगस्त 2016 तक टू स्टडी द आकरेंस ऑफ डिप्रेशन इन पेशेंट ऑफ एचआईवी/एड्स पर रिसर्च किया गया है। 269 पॉजिटिव पर रिसर्च हुआ, जिनमें 23.4 प्रतिशत मरीज डिप्रेशन में मिले। इनमें 40 का मानसिक रोग विभाग में इलाज व काउंसलिंग हुई, तो 70 प्रतिशत को फायदा हुआ। 

युवा ज्यादा
मेडिसिन विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज पराशर, एसोसिएट प्रो. डॉ. राहुल राय के मार्ग निर्देशन में डॉ. दिनेश मालवीय ने रिसर्च किया है। एआरटी सेंटर के 269 लोगों में 63 डिप्रेशन की चपेट में पाए गए। ज्यादातर कम आय व शिक्षा वाले हैं। एचआईवी पॉजिटिव में 85.5 प्रतिशत पॉजिटिव की शिक्षा इंटर तक है, जबकि 14.5 प्रतिशत ही उच्च शिक्षा वाले हैं। युवा वर्ग एचआईवी की चपेट में ज्यादा आया है और उन पर डिप्रेशन का असर भी ज्यादा है। संक्रमित होने वालों में 20-40 वर्ष उम्र के लोग हैं। 

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