WORLD AIDS DAY: दूसरी पीढ़ी की आजादी के लिए एचआईवी से कोख में जंग

Ajay Khare

Publish: Dec, 01 2016 11:57:00 (IST)

Jabalpur, Madhya Pradesh, India
WORLD AIDS DAY: दूसरी पीढ़ी की आजादी के लिए एचआईवी से कोख में जंग

एचआईवी पॉजिटिव मां-पिता ने पाई अनूठी सफलता

जबलपुर। एचआईवी के साथ जीना यानी हौसले की जिन्दगी। जिसके दिल-दिमाग पर एचआईवी वायरस का पहली बार असर होता है, तो उसकी आंखों के सामने अंधेरा छा जाता है। पति-पत्नी दोनों पॉजिटव हों तो भयावह स्थिति हो जाती है।  इसके बावजूद भी एेसे मां-बाप के जज्बे को सलाम है कि जो खुद पॉजिटव हैं और अपनी दूसरी पीढ़ी को एचआईवी से आजाद कर लिया। पहली जीत कि बीमारी को मात देते हुए मां सेहतमंद और खुशहाल रहती है। घर में किलकारी गूंजने से ज्यादा खुशी 18 माह बाद होती है, जब बच्चे की रिपोर्ट निगेटिव आती है।    
     
पॉजिटिव महिलाएं ज्यादा सतर्क
पीपीटीसीटी सेंटर मेडिकल कॉलेज की काउंसलर अनुराधा अग्रवाल बताती हैं कि गर्भवती होते ही पॉजिटिव महिलाएं ज्यादा सतर्क नजर आती हैं। सामान्य व्यक्ति का सीडी-4 काउंट 800 से 15 सौ होता है। गर्भवती महिला का सीडी-4 अगर 500 से ज्यादा है तो संक्रमण की आशंका कम होती है। इसलिए महिलाएं नियमित योगा करने के साथ चुकन्दर, पपीता, अनार, गाजर का मिक्स जूस पीती हैं। इससे सीडी-4 बेहतर रहता है। 
वर्ष 2012 से नए संक्रमण को रोकने के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हर वर्ष एचआईवी पॉजिटिव मां से बच्चे में संक्रमण के केस कम हो रहे हैं। जब कोई एेसा बच्चा निगेटिव होता है तो घर से लेकर सेंटर तक मिठाई बंटती है।

पीपीटीसीटी सेंटर, मेडिकल कॉलेज
वर्ष डिलेवरी बच्चे पॉजिटिव
2012 14 50 10 (3 मौत)
2013 11 38 05
2014 22 19 01 (मौत)
2015 17 61 01
2016 26 48 02 (1 मौत)

पीपीटीसीटी सेंटर, एल्गिन हॉस्पिटल की रिपोर्ट
-2016 में तीन एचआईवी पॉजिटिव महिलाओं की डिलेवरी होनी है।
-2015 में सात डिलेवरी, जांच में एक बच्चा निगेटिव। अन्य की जांच बाकी
-2014 में 16 महिलाओं की डिलेवरी, सभी बच्चे निगेटिव 

एचआईवी पॉजिटिव होने का मतलब
आपके शरीर में एड्स के वायरस प्रवेश कर चुके हैं, लेकिन यह जरूरी नहीं कि बीमारी हो गई हो। एड्स का मतलब- वायरस की वजह से शरीर में विकार पैदा होने लगे हैं। यानी बीमारी के लक्षण प्रतीत होने लगे हैं। 

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