MP High court: 'अपील के अधिकार से वंचित रखना कानून को बनाता है असंवैधानिक'

Ajay Khare

Publish: Nov, 30 2016 11:20:00 (IST)

Jabalpur, Madhya Pradesh State Highway 22, South Civil Lines, Madhya Pradesh, India
MP High court: 'अपील के अधिकार से वंचित रखना कानून को बनाता है असंवैधानिक'

वृद्ध माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण कल्याण अधिनियम के प्रावधानों का मामला  

जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने वृद्ध माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण कल्याण अधिनियम-2007 की धारा 16  (1) की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली परमादेश याचिका पर मंगलवार को अहम आदेश पारित किया। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेन्द्र मेनन एवं न्यायाधीश अंजुली पालो की खंडपीठ ने आदेश में कहा कि धारा  16  (1) समक्ष प्राधिकरण के आदेश के विरुद्ध माता-पिता व वरिष्ठ नागरिक को ही अपील का अधिकार देती है। दूसरे पक्ष अर्थात बच्चों को इस अधिकार से वंचित करती है। यदि दो पक्षों की सुनवाई के लिए एक प्राधिकरण कानून के तहत गठित किया गया है तो अपील का अधिकार एक पक्ष को देना उक्त धारा को असंवैधानिक बनाता है।

 भरण पोषण देने के आदेश
अधिवक्ता आदित्य नारायण गुप्ता ने वृद्ध माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण कल्याण अधिनियम-2007 की धारा 16 (1) की संवैधानिकता को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी। इसके तहत सक्षम प्राधिकरण जबलपुर ने आदेश पारित कर माता-पिता को हर माह भरण पोषण की राशि देने के आदेश दिए थे। उक्त धारा उन्हें इस आदेश के विरुद्ध अपील दायर करने से वर्जित करती थी। खंडपीठ  ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की खंडपीठ के निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि उक्त अधिनियम की धारा 16 (1) में ही पीडि़त पक्ष के अलावा दूसरे पक्ष को भी अपील करने का अधिकार प्रदान किया जाए। खंडपीठ इस व्याख्या के साथ याचिकाकर्ता को चार सप्ताह  में अपीलेंट फोरम के समक्ष अपील दाखिल करने की स्वतंत्रता प्रदान की। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आदर्शमुनि त्रिवेदी व अधिवक्ता राजेन्द्र गुप्ता ने पैरवी की।

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