यहां करवा चौथ पर खास होता है चांद का नजारा

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   यहां करवा चौथ पर खास होता है चांद का नजारा

जबलपुर में नर्मदा नदी के भेड़ाघाट वाटर फाल में सतरंगी हो जाती है पानी की धार

जबलपुर। आज करवा चौथ है इस रात व्रत रखने वाली हर महिला चांद का दीदार करने के बाद चलनी से पति का चेहरा देखती हैं और व्रत पूरा करती हैं। जबलपुर के भेड़ाघाट में शरद पूर्णिमा पर चांद के दीदार का नजारा ही कुछ खास होता है जबकि करवा चौथ पर यहां वाटर फाल अपने सतरंगी रूप में नजर आता है। सुनील दत्त और रेखा अभिनीत प्राण जाए पर वचन न जाए फिल्म की यहां शूटिंग की गई थी जिसके दृश्य फिल्म में करीब 15 मिनट तक दिखाए गए हैं। इसके अलावा करीब एक दर्जन फिल्मों में यहां के दृश्यों को शामिल किया गया है जिनमें से कुछ फिल्मों में चांदनी रात का नजारा दिखाया गया है।  हिंदी फिल्मों में चांद को लेकर बेहतरीन गीत लिखे गए हैं जिनमें से कई गीत आज भी गुनगुनाए जाते हैं। हम आपको बता रहे हैं चांद को लेकर लिखे गए कुछ खास हिंदी फिल्मी गानों के बारे में।

bhedaghat water fall

मुकेश की आवाज में रिकार्ड किया गया गीत चांद सी महबूबा हो मेरी कब मैंने ऐसा सोचा था हां तुम बिल्कुल वैसी हो जैसा  मैंने सोचा था, करवा चौथ पर प्रासंगिक हो उठता है। इस गीत को लिखा था कल्याणजी आनंदजी ने। गीत की शुरुआत बांसुरी की मधुर तान से होती है। मुकेश द्वारा गाया गया चांद को क्या मालूम चाहता है उसे कोई चकोर गीत भी चांद और चकोर के माध्यम से प्रेम रस की अनुभूति कराता है। नायिका की खूबसूरती का बखान करने वाला गीत चौदहवीं का चांद हो या आफताब हो जो भी हो तुम खुदा की कसम लाजबाव हो इस मौके पर गूंज उठता है। मोहम्मद रफी द्वारा गाया गया यह गीत लिखा था शकील बदायूंनी ने जबकि इसे संगीत दिया था रवि ने। जाल फिल्म के गीत  ये रात ये चांदनी फिर कहां  सुन जा दिल की दास्तां में प्रेम की शानदार अभिव्यक्ति की गई है। इस गीत को गाया था लता मंगेशकर और हेमंत कुमार ने।

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