OMG: ट्रीटमेंट प्लांट के नाम पर बना दिया डायवर्जन

Ajay Khare

Publish: Dec, 01 2016 10:52:00 (IST)

Jabalpur, Madhya Pradesh, India
OMG: ट्रीटमेंट प्लांट के नाम पर बना दिया डायवर्जन

नर्मदा नदी के ग्वारीघाट, तिलवाराघाट व भेड़ाघाट में रोज लगभग 8 लाख लीटर गंदा पानी मिल रहा है। 

प्रभाकर मिश्रा@जबलपुर। लाखों कंठों की प्यास बुझाने वाली नर्मदा नदी के जल को नालों का पानी दूषित कर रहा है। ग्वारीघाट, तिलवाराघाट व भेड़ाघाट में रोज लगभग 8 लाख लीटर गंदा पानी मिल रहा है। जिला प्रशासन, नगर निगम प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व भेड़ाघाट नगर पंचायत द्वारा नालों पर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने का दावा किया जाता है, लेकिन नर्मदा तटों पर मिलने वाले नाले उनके दावों की पोल खोल रहे हैं। अधिकतर स्थानों पर ट्रीटमेंट प्लांट के नाम पर डायवर्जन बनाकर खानापूर्ति की गई है।  
जिलेटिन फै क्ट्री से निकलने वाले पानी की रिसाइक्लिंग के लिए फै क्ट्री परिसर में ट्रीटमेंट प्लांट बनाया गया है। ट्रीटमेंट के बाद फैक्ट्री का पानी नाले में छोड़ा जाता है, जो 1.5 किलोमीटर दूर बैनगंगा नदी में मिलता है। बैनगंगा का पानी 2 किलोमीटर दूर नर्मदा में मिलता है। फै क्ट्री का पानी जिस स्थान पर बैनगंगा में मिलता है, वहां झाग बहुत ज्यादा है। 

भेड़ाघाट
bainganga nala
-पंचवटी नाले के पानी का डायवर्जन रोकने 25 लाख  से प्लांट का निर्माण
-पीसीबी की प्रेरणा पर जिलेटिन फै क्ट्री ने किया निर्माण

मौजूदा स्थिति 
प्लांट की मौजूदा तस्वीर इस बात की पुष्टि कर रही है कि नाले पर बना डायवर्जन प्लांट नाकाफी है। नाले में लगाई गई जाली ठोस अपशिष्ट का बहाव तो रोकती है, लेकिन रिसाइक्लिंग के लिए और ट्रीटमेंट प्लांट बनाने की जरूरत है।   

ग्वारीघाट
gwarighat
-1.5 लीटरमौजूदा प्लांट की क्षमता
-6 साल पहले हुआ निर्माण
-6 लाख लीटर से ज्यादा गंदा पानी मिलता है तट पर
-5 लाख लीटर के प्रस्तावित नए प्लांट के भूमिपूजन को डेढ़ साल बीता, नहीं शुरू हुआ निर्माण कार्य

मौजूदा स्थिति
ग्वारीघाट में जिस अनुपात में नालों की गंदगी मिलती है, उसके मुकाबले वर्तमान प्लांट की रिसाइक्लिंग क्षमता नाकाफी है। इससे बड़ी मात्रा में दरोगाघाट, नाव घाट व उमाघाट में नालों की गंदगी मिल रही है।  

तिलवाराघाट
tilwara
-आसपास की बस्ती का गंदा पानी सीधे नदी में मिलता है
-कोई ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित नहीं
-कचरा रोकने के लिए जाली भी नहीं लगाई

ये है हालत
तिलवाराघाट की बसाहट ऊtiपरी क्षेत्र में होने से यहां का निस्तारी पानी सीधे नर्मदा तट पर मिलता है। इसके बाद भी नगर निगम ने यहां ट्रीटमेंट प्लांट नहीं बनवाया। 


सीधी बात
सवाल-नर्मदा में नालों का पानी मिल्ने पर पीसीबी कार्रवाई क्यों नहीं करता? 
जवाब-भेड़ाघाट में पंचवटी नाले का गंदा पानी नर्मदा में मिलने से रोकने के लिए नर्मदा जिलेटिन फै क्ट्री से सामाजिक दायित्व के तहत डायवर्जन प्लांट बनवाया गया। 
सवाल-आवश्यकता के अनुरूप ट्रीटमेंट प्लांट क्यों नहीं बनाया गया?
जवाब-डायवर्जन प्लांट गंदगी को सीधे नदी में मिलने से रोकता है। भेड़ाघाट नपं को ट्रीटमेंट प्लांट बनाना चाहिए। इसके लिए नोटिस देंगे। 
सवाल-ग्वारीघाट में नालों का पानी नर्मदा में मिल रहा है। ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण में विलंब पर बोर्ड कार्रवाई क्यों नहीं करता? 
जवाब-ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण में हुई लेटलतीफी को लेकर बोर्ड निगम के खिलाफ केस दर्ज करा चुका है।  
सवाल-तिलवाराघाट में भी नालों का पानी मिलता है। इसे रोकने के लिए बोर्ड ने अब तक क्या कदम उठाए?
जवाब-ट्रीटमेंट प्लांट बनाने के लिए निगम प्रशासन को दिशा निर्देश दिए हैं।  
एसएन द्विवेदी, क्षेत्रीय प्रबंधक, पीसीबी

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