कैलेंडर सिटी: यहां अगले पांच साल तक के कैलेंडर हैं तैयार

Jabalpur, Madhya Pradesh, India
कैलेंडर सिटी: यहां अगले पांच साल तक के कैलेंडर हैं तैयार

ज्योतिष विज्ञान के खास चरणों के आधार पर बनते हैं नए साल के कैलेंडर 

दीपिका सोनी@ जबलपुर। अगर आप यह सोच रहे हैं कि कैलेंडर बनाना आसान काम है, तो एेसा बिल्कुल नहीं है। दरअसल वर्ष 2016 का आखिरी महीना शुरू हो चुका है। अब नए साल का कैलेंडर लेने मार्केट में पहुंचेंगे। लेकिन 12 महीनों के कैलेंडर को बनाना बेहद जटिल काम होता है। मौजूदा साल में अगले साल के हर महीने, डेट्स और उसमें होने वाले मुहूर्तों को निकालने के लिए ग्रह लाघव नामक ज्योतिषशास्त्र की एक किताब का गहन अध्ययन और गणना की जाती है। तब जाकर नए साल का पंचांग तैयार होता है। सबसे खास बात यह है कि कैलेंडर सिटी के नाम से मशहूर संस्कारधानी में कैलेंडर की गणना करने वाले ज्योतिषाचार्यों ने अगले 5 सालों का कैलेंडर तैयार कर लिया है।
 
यानि 2022 में कब कौन सा त्योहार पड़ेगा यह हमें 2017 में ही पता चल जाएगा। गौरतलब है कि जबलपुर के करौंदी ग्राम में भारतीय उपमहाद्वीप का सेंट्रल पॉइंट है। वहीं 23.10उत्तर और 79.97 पूर्व पर जबलपुर स्थित है। 

अप्रैल/अक्टूबर फुल विद् हॉलिडे 
वर्ष 2017 में सबसे ज्यादा छुट्टियां अप्रैल और अक्टूबर के महीनों में होंगी। जिसमें अप्रैल के दौरान रामनवमी, महावीर जयंती, हजरत अली जन्म दिन, वैशाखी, गुडफ्राइडे, अम्बेडकर जयंती और ईस्टर की छुट्टियां हैं। वहीं अक्टूबर में मोहर्रम, गांधी जयंती, वाल्मीकि जयंती, दीपावली के पांच दिन और छठ पूजा की छुट्टियां मिलेंगी। इस तरह ये दोनों ही महीने फुल विद हॉलिडे रहेंगे। 

कंटेंट, जिनसे बनता है कैलेंंडर 

एक कैलेंडर में तिथि और योग की गणना करने के लिए जिन कंटेन्ट्स का प्रयोग किया जाता है। उसमें विशेष रूप से सूर्य की गति और सिद्धांत बताने वाली मकरंद सारणी, अहरगण, पल और घटी की गणना तिथिकंद, नक्षत्रकंद, योग कंद, कर्ण और चंद्रमा के आधार पर किसी एक माह के सारे दिन, तिथियां, शुभ-अशुभ चर और मुहूर्त बनते हैं। 

डेढ़ माह में बनती है 12 माह की कुंडली 

callender

भारतीय कैलेंडर के 12 माह की कुंडली बनाने में पूरा डेढ़ महीना लगता है। शहर के प्रख्यात ज्योतिषविद पंडित लक्ष्मीकांत मिश्रा और कन्हैया मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि जब वे एक साल का कैलेंडर तैयार करते हैं तो पूरा डेढ़ महीना सारी गणनाओं में लगता है। इसके बाद उन्हें अगले नए साल का कैलेंडर तैयार करने लम्बा गैप लेना पड़ता है।

होती है इनकी गणना भी

-हिजरी संवत
-बांग्ला सन 
-शालिवाहन/वीर निर्वाण संवत 
-सूर्य एवं चंद्रग्रहण 
-सूर्य/चंद्रोदय और अस्त
-मासफल/राशिफल 

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned