गांवों में अब पौधों की सेवा से मिलेगा रोजगार

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  गांवों में अब पौधों की सेवा से मिलेगा रोजगार

मनरेगा के तहत चुने जाएंगे पौध रक्षक

जबलपुर। पौधरोपण के लिए मनरेगा के तहत गांवों में दो-दो परियोजना स्वीकृत की जा रही हैं। इससे प्रत्येक गांव के दो लोगों को पौधरोपण से स्थाई रोजगार मिलेगा। पौधों की सुरक्षा करने के लिए गांव के जिम्मेदार व्यक्तियों का पौधरक्षक के रूप में चयन किया जाएगा। वहीं पेडों से होने वाली आय का पचास प्रतिशत हिस्सा पौधरक्षक को मिलेगा। जिला पंचायत के प्रभारी सीईओ टी.एस. मरावी ने बताया कि मनरेगा के तहत जिले की 516 ग्राम पंचायतों के 1336 गांवों में पौधरोपण के लिए पौधारक्षकों का चयन किया जा रहा है। पौधरक्षक संबंधित ग्राम का निवासी मनरेगा का जाब कार्डधारी होना चाहिए। पौधरक्षक के पास उसकी स्वयं की साइकिल होना चाहिए। वह सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था कर पौधों की सिंचाई करेगा।

पौधरोपण के तीन प्रोजेक्ट
पौधरोपण के प्रोजेक्ट की लागत तीन लाख रुपये से पांच लाख पैतीस हजार रुपये तक है। पहला प्रोजेक्ट सड़क किनारे पौधारोपण करने का है। जिसमें सडक के किनारे एक किलोमीटर में 10-10 मीटर की दूरी पर 200 पौधे रोपने की लागत तीन लाख पैतीस हजार रुपये होगी। सडक के किनारे आम, इमली, जामुन, महुआ, नीम, करंज, मुनगा, अर्जुन, सप्तपर्णी, कैसिया, सामिया, गुलमोहर, पेल्टाफ ारम, चिरोल, अमलतास, पीपल, बरगद, एवं बांस आदि पौधे रोपे जाना प्रस्तावित है। दूसरे प्रोजेक्ट के तहत सामुदायिक स्थानों पर होने वाले पौधारोपण की लागत पांच लाख पैतीस हजार रुपये हैं।  625 पौधों को प्रति हेक्टेयर में रोपा जाना है। जिनमें आम, जामुन, नीम, आंवला, नीबू, अमरूद, मीठी नीम, सीताफल, मुनगा, बेर, पीपल एवं बांस के पौधे रोपे जाएंगे। तीसरे प्रोजेक्ट में सार्वजनिक परिसरों में जैसे-विद्यालयों छात्रावासों, खेल मैदानों एवं मोक्षधाम परिसर का है। जहां तीन लाख पैतीस हजार रुपये की लागत से 200 पौधे रोंपे जाएंगे।

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