सेना के लिए यहां तैयार हो रहे स्टालियन वाहन

Jabalpur, Madhya Pradesh, India
सेना के लिए यहां तैयार हो रहे स्टालियन वाहन

वीकल फैक्ट्री प्रबंधन मार्च तक सम्मानजनक स्थिति में पहुंचने की कोशिश में जुटा

जबलपुर। उत्पादन में पीछे चलने के कारण वीकल फैक्ट्री प्रबंधन मार्च तक सम्मानजनक स्थिति में पहुंचने की कोशिश में जुट गया है। तीन प्रमुख सैन्य वाहनों में केवल स्टालियन ही एेसा है, जिसका उत्पादन प्रगति पर है। इसी के सहारे वह चालू वित्तीय वर्ष में अपनी नैया पार लगाना चाहता है। इसलिए प्रबंधन द्वारा रोजाना 18 की जगह 25 वाहनों का उत्पादन करने के लिए कर्मचारियों को कहा गया है।  

अब आयुध निर्माणियों में 31 मार्च तक की स्थिति में डिस्पैच किए गए आइटम्स को ही अंतिम उत्पादन माना जाता है। पहले इस तारीख तक बुकिंग के आधार पर उत्पादन पूरा होना माना जाता था। फिर चालू वर्ष का उत्पादन अप्रैल से मई तक चलता था। इस नीति में आयुध निर्माणी बोर्ड ने परिवर्तन कर दिया है। इसलिए फैक्ट्री प्रबंधन चिंता में है। क्योंकि फैक्ट्री में पूरे साल कच्चा माल बहुत कमी बनी रही। 

राष्ट्रीय कामगार यूनियन के महामंत्री कामता प्रसाद द्विवेदी का कहना है कि रोजाना क्षमता से अधिक वाहन तैयार करने के लिए कहा जा रहा है। कर्मचारी एेसा कर सकते हैं, लेकिन संसाधनों की कमी लगातार बनी हुई है। पहले से कर्मचारी कम हो गए हैं। एेसे में यदि दबाव के जरिए वाहन बनवाए जाएंगे तो फिर दुर्घटनाएं होने लगती हैं।

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