सब छोड़कर पूरे दिन करते हैं सिर्फ एक ही काम, पानी का इंतजाम

sanjay umare

Publish: Apr, 21 2017 02:06:00 (IST)

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सब छोड़कर पूरे दिन करते हैं सिर्फ एक ही काम, पानी का इंतजाम

जल प्रदाय व्यवस्था की जमीनी हकीकत

जबलपुर। नर्मदा किनारे बसे शहर के कई इलाके पानी को मोहताज हैं। निगम शहर में रोजाना 41 उच्च स्तरीय टंकियों से 230 एमएलडी तक पानी सप्लाई कर रहा है। दावा है कि शहर में कहीं जलसंकट के हालात नहीं हैं। हकीकत में स्थिति कुछ और है। कई इलाकों में प्रेशर डाउन होने से नल पानी नहीं उगल रहे, तो शहर के भीतर ही कई क्षेत्रों में पाइपलाइन नहीं डाली जा सकी है। एेसे इलाकों में  पानी का हाहाकार मच रहा है। 

टैंकरों के भरोसे

कई वार्ड की बस्तियां टैंकर के भरोसे हैं। इन जगहों पर रोजाना टैेंकर भेजे जा रहे हैं। माढ़ोताल नई बस्ती, माढ़ोताल पुरानी बस्ती में रोज टैंकर बुलाने पड़ रहे हैं। यहां निगम अब तक पाइपलाइन ही नहीं डाल पाया है। जहां है, वहां भी पानी नहीं पहुंच रहा। संजय गांधी वार्ड के राजीव नगर मोहरिया, आजाद नगर, मक्का नगर, हुसैन नगर में अब तक पाइपलाइन नहीं पहुंच सकी है। ये क्षेत्र बारहों माह टेंकर के भरोसे हैं। शफीका बानो, शायना, सन्नोबी, आयशा बेगम,नसीम आदि का कहना था कि उनका पूरा दिन टैंकर के इंतजार में ही बीत जाता है। टैंकर का समय तक निर्धारित नहीं किया गया है।

टंकी से जोड़ो लाइन 

मोतीलाल नेहरू वार्ड के कई क्षेत्रों में  नलों में पर्याप्त पानी नहीं आने के कारण डिब्बा लेकर सुबह शाम लोग भटकते रहते हैं। वार्ड का बड़ा हिस्सा पाइपलाइन टंकी से न जोड़े जाने के कारण भी पानी को मोहताज है। गाजी नगर के लोगों ने बताया कि सालों तक की गई मांग के बाद दो साल पहले पाइप लाइन तो डाल दी गई है, लेकिन उसे अब तक टंकी से नहीं जोड़ा गया है। इसके चलते अब भी ट्यूबवैल के पानी के भरोसे गुजरबसर हो रही।

हालत यह है कि ट्यूबवैल भी आए दिन खराब हो जाता है, जिसके चलते डिब्बा-बाल्टी लेकर दूर से पानी ढोकर लाना पड़ता है। लोगों को कहना है पाइप लाइन टंकी से जोड़ दी जाए, तो उनके दिन फिर जाएं।

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