लाइनमेन के ११० पद रिक्त कैसे हो उजाला

Piyushkant Chaturvedi

Publish: Jan, 13 2017 05:38:00 (IST)

Janjgir-Champa, Chhattisgarh, India
लाइनमेन के ११० पद रिक्त कैसे हो उजाला

जिले में लाइनमेन के ११० पद रिक्त है। ऐसे में ग्रामीण अंचलों में बिजली गुल होने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ जाती है। बिजली गुल होने के बाद लाइनमेन की कमी के कारण मेंटेनेंस नहीं होता।

जांजगीर-चांपा. जिले में लाइनमेन के ११० पद रिक्त है। ऐसे में ग्रामीण अंचलों में बिजली गुल होने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ जाती है। बिजली गुल होने के बाद लाइनमेन की कमी के कारण मेंटेनेंस नहीं होता।

अलबत्ता ग्रामीण अंचल से अंधेरे का आलम रहता है। जिले में लाइनमेन व सहायक लाइनमेन के ११० पद रिक्त है। इन पदों को भरने की बजाए शासन आउटसोर्सिंग से काम चलाना चाह रही है। इसका फायदा भी लोगों को नहीं मिल पा रहा है।

छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी (सीएसपीडीसीएल) बीते दो दशक से लाइनमेन सैकड़ो पदों पर भर्ती नहीं कर रही है। अमूमन प्रत्येक दो ग्राम पंचायतों में एक लाइनमेन का पद होना चाहिए,

लेकिन दर्जनों ग्राम पंचायत के अनुपात में एक लाइनमेन की पोस्टिंग नहीं है। इसके कारण कभी फाल्ट आने से ग्रामीण अंचलों में कई दिनों से अंधेरे का आलम रहता है।

बिगड़े हुए बिजली की मरम्मत या तो ग्रामीणों को खुद करनी पड़ती है। विभागीय कर्मचारियों को इंतजार करने पर दो से तीन दिन गुजर जाता है। तब तक ग्रामीणों को अंधेरे में गुजर बसर करना पड़ता है।

 खासकर बारिश के दिनों में ग्रामीण अंचलों में बिजली की सर्वाधिक समस्या रहती है। सेटअप के मुताबिक जिले में लाइनमेन व सहायक लाइनमेन के ४९० पद होनी चाहिए, लेकिन केवल ३८० कर्मचारी ही कार्यरत हैं।

यानी इन दोनों पदों के ११० पोस्ट रिक्त है। इसके कारण विभागीय कामकाज प्रभावित होता है। इसके अलावा मेंटेनेंस सहित सारे काम प्रभावित होते हंै।

विभाग इन पदों में कर्मचारी भरने की बजाए जैसे- तैसे काम चला रही है। जिसका खामियाजा विद्युत उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।

आउट सोर्सिंग से होगा काम
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक अब सीएसपीडीसीएल लाइनमेन के रिक्त पदों को भरने की बजाए आउटसोर्सिंग से काम चलाना चाह रही है।

यानी अब मेंटेनेंस का काम ठेका पद्धति से हो रहा है है। प्रत्येक वितरण केंद्र में विद्युत मेंटेनेंस व रखरखाव के लिए एक वेन के साथ दो -दो कर्मचारी उपलब्ध कराएगी।

ये कर्मचारी जहां- जहां फाल्ट आएगा वहां मरम्मत करेगी। इसके अलावा कहीं भी फाल्ट होने की सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर दौड़ेगी।

समस्या पर डायल करें यह नंबर
शहर में बिजली की समस्या को लेकर कंपनी की ओर से टोल फ्री नंबर ०७८१७ -२००५००, २००२६१ एवं चांपा में ०७८१९ -२००२६१ जारी किए गए हैं।

कोई भी उपभोक्ता नि:शुल्क अपनी समस्या उक्त नंबर पर डायल कर बता सकता है। दर्ज कराई गई समस्या का निदान तत्काल किया जाएगा।

इसमें तैनात कर्मचारियों को फाल्ट की सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचना है। कर्मचारी तभी देर से पहुंचेंगे जब पहली शिकायत दूर नहीं हुई होगी।

हर साल जाती है दर्जनों जान

बिजली की समस्या अधिकतर ग्रामीण अंचलों में अधिक होती है। बिजली नहीं होने से ग्रामीणों को अंधेरे में गुजर बसर करना पड़ता है।

ग्रामीण अंचलों में अंधेरे के कारण लोगों की असमय जान गवांनी पड़ती है। अमूमन ग्रामीण अंधेरे में जमीन पर सोते हैं। जमीन पर सांप बिच्छू विचरण करते हैं।

जो ग्रामीणों को अपना शिकार बना लेते हैं। इस वर्ष केवल दो माह के भीतर ही एक दर्जन लोगों की मौत हो चुकी है। जिसमें अधिकतर मामले अंधेरे की वजह से हुई है।

मारपीट की घटनाएं भी बढ़ी

लाइनमेन से मारपीट की घटनाएं अब आम होते जा रही है। बिजली गुल होने के बाद लोग चाहते हैं कि उनकी बिजली तत्काल बन जाए, लेकिन ये संभव नहीं है।

 खासकर जिले के मालखरौदा, डभरा क्षेत्र के गावों में आए दिन मारपीट की घटना होती है। बीते वर्ष सपिया गांव में ग्रामीणों ने सब इंजीनियर व लाइनमेन से मारपीट कर दी थी।

 मामले में एफआईआर दर्ज हुआ था। विद्युत कर्मचारियों से मारपीट की सालाना एक दर्जन से अधिक वारदात होती है।

आउटसोर्सिंग से हो रहा काम
विभाग में लाइनमेन पद की कमी है। इससे काम निश्चित ही प्रभावित होता है। अब विभाग में आउटसोर्सिंग से काम चलाया जा रहा है।

 प्रत्येक वितरण केंद्र में एक मोबाइल वेन के साथ दो-दो कर्मचारी विद्युत संबंधित समस्याओं ने उपभोक्ताओं को मुक्ति दिलाएंगे।
-- एके धर डीई, सीएसपीडीसीएल

ये कार्य होते हैं प्रभावित
>> तकनीकी गड़बड़ी को सुधारना
>> बिजली बिल वितरण व वसूली
>> शिकायतों का निराकरण
>> बड़ी शिकायतों को अधिकारियों तक पहुंचाना
>> बिगड़े ट्रांसफार्मर बदलना
>> विद्युत उपकरणों की देखरेख

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