धान खरीदी से धन्ना सेठ बने नोडल अधिकारी के घर एसीबी का पड़ा छापा

Piyushkant Chaturvedi

Publish: Feb, 17 2017 10:52:00 (IST)

Janjgir-Champa, Chhattisgarh, India
धान खरीदी से धन्ना सेठ बने नोडल अधिकारी के घर एसीबी का पड़ा छापा

आय से अधिक संपत्ति रखने वाले बहुचर्चित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के नोडल अधिकारी श्रवण सिंह के घर गुरूवार को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने भैसदा स्थित आवास में छापेमारी की।

जांजगीर-चांपा. आय से अधिक संपत्ति रखने वाले बहुचर्चित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के नोडल अधिकारी श्रवण सिंह के घर गुरूवार को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने भैसदा स्थित आवास में छापेमारी की।

टीम ने कितनी संपत्ति का खुलासा हुआ है यह बताने से इनकार किया है। एसीबी के डीएसपी विश्वनाथ चंद्राकर एवं निरीक्षक आरके साहू सहित आधा दर्जन अधिकारियों

 की टीम सुबह पांच बजे ही भैसदा स्थित घर की घेराबंदी कर जांच पड़ताल शुरू कर दी थी। घर में आधा दर्जन पुलिस बल के अलावा महिला पुलिसकर्मी भी मौजूद थी।

पिछले दो दशक से जिला सहकारी केंद्रीय बैंक एवं मार्कफेड में एकतरफा राज करने करने वाले नोडल अधिकारी के घर आखिरकार एसीबी का छापा पड़ ही गया।

धान खरीदी में सालाना करोड़ो रुपए का खेल करने वाले अफसर की लोगों ने एसीबी के अफसरों को सूचना दी थी। जिस पर अधिकारियों ने गुरूवार की सुबह उनके भैसदा स्थित घर में दबिश देकर उनके संपत्ति का ब्योरा लिया।

एसीबी के डीएसपी विश्वनाथ चंद्राकर सहित अधिकारियों की टीम पुलिस के चाक चौबंद व्यवस्था के बीच नोडल अधिकारी श्रवण सिंह के घर छापेमारी की।

बंद कमरे में अधिकारियों ने आठ घंटे तक आय से जुड़े संपत्ति की जांच पड़ताल की। जांच में अधिकारियों ने करोड़ो की बेहिसाब संपत्ति का उजागर किया है।

नोडल अधिकारी ने जांजगीर, भैसदा, बिलासपुर, रायपुर सहित कई ठिकानों में करोड़ो रुपए की जमीन खरीदी की है। यह जमीन उसने अपने बेटे, बेटियां, भाई, भतीजे सहित अन्य रिश्तेदारों के नाम से खरीदी की गई है।

 उसके घर से नकद केवल 46 हजार रुपए मिले हैं। चार पांच ऐसे जमीन के कागजात मिले हैं जो जो संयुक्त खाते के हैंं। अधिकारियों को अभी सोने चांदी के की जानकारी नहीं मिल पाई है।

बताया यह भी गया कि उनके पास दस चक्के के तीन ट्रक, कई लक्जरी गाडिय़ां, रायपुर में दो कीमती मकान सहित करोड़ो के जमीन का उजागर हुआ है।

लगते रहे यह आरोप
गौरतलब है कि नोडल अधिकारी पर सालाना करोड़ो रुपए के धान खरीदी में अफरा-तफरी करने का आरोप हमेशा लगते रहा है।

इतना ही नहीं जिले के 206 समितियों में उनके इशारे में धान खरीदी का संचालन करने का आरोप हर साल लगता है। अपने परिवार के सात सदस्यों के नाम पर बिना जमीन के सोसायटी में करोड़ो रुपए के धान बिक्री करने का आरोप लगा था।

इन सभी मामले को लेकर पांच सूत्रीय शिकायत एनसीपी के दीपक दुबे  ने राज्यपाल से की थी। जिसका जांच चल रही है।

उन पर यह भी आरोप लगते रहता है कि उनकी सालाना काली कमाई करोड़ो रुपए की होती है। ऊंची पकड़ के चलते उनका कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता।

यही वजह है कि आज तक उनके खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई। वर्षों बाद उसके ठिकाने में एसीबी का छापा पड़ा और करोड़ो की काली कमाई उजागर हुआ।

काली कमाई कर जनसेवा में बनाई पहचान
भ्रष्टाचार के लगातार आरोप झेल रहे नोडल अधिकारी श्रवण सिंह ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए इतनी काली कमाई अर्जित किया उन्होंने उस कमाई को जन सेवा

और समाज सेवा के क्षेत्र में भी खर्च करना शुरू कर दिया था। उनके दरवाजे पर पहुंचने वाला कोई भी शख्स खाली हाथ नहीं लौटता था।

उन्होंने समाज सेवा और क्षेत्र में नाम कमाने के लिए समाजसेवी संस्था लायंस क्लब में भी सदस्यता ली। इसके साथ ही गांव में गरीब कन्या का विवाह तथा भागवत कथा के आयोजन में दिल खोलकर दान देते रहे।

लेकिन उनके इस उदार दिल स्वभाव का असली चेहरा तब खुला जब एसीबी ने उनके ठिकाने पर छापेमारी किया और करोड़ों रुपए की बेनामी संपत्ति का खुलासा किया।

गांव में पसरा सन्नाटा
नोडल अधिकारी के घर के बाहर सन्नाटा पसरा था। घर के बाहर केवल दो महिला व दो पुलिस बल सुरक्षा की कमान संभाल रहे थे।

बाहर अधिकारियों की तीन लक्जरी कार ही नजर आ रही थी। डीएसपी विश्वनाथ चंद्राकर सहित एसीबी के अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई,

लेकिन उन्होंने कुछ बताने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि हम स्थानीय स्तर पर कार्रवाई की जानकारी नहीं दे सकते।

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