स्कूल बिजलीकरण घोटाले में अफसरों समेत 11 पर एफआईआर के निर्देश

Piyushkant Chaturvedi

Publish: Oct, 19 2016 04:47:00 (IST)

Korba, Chhattisgarh, India
स्कूल बिजलीकरण घोटाले में अफसरों समेत 11 पर एफआईआर के निर्देश

 राजीव गांधी शिक्षा मिशन और ग्रामीण यांत्रिकी विभाग की तरफ से स्कूलों में किए गए विद्युतीकरण घोटाले में कड़ी कार्रवाई करते हुए 11 लोगों के खिलाफ कलेक्टर एस भारतीदासन ने  एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिये हैं।

जांजगीर-चांपा. जांजगीर के चर्चित बिजलीकरण घोटाले पर अब तक सबसे बड़ी कार्रवाई हुई है। राजीव गांधी शिक्षा मिशन और ग्रामीण यांत्रिकी विभाग की तरफ से स्कूलों में किए गए विद्युतीकरण घोटाले में कड़ी कार्रवाई करते हुए  11 लोगों के खिलाफ कलेक्टर एस भारतीदासन ने  एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिये हैं।

 जिन लोगों के खिलाफ  एफआईआर के निर्देश दिये गये हैं। उनमें मिशन के जिला समन्वयक पीके आदित्य, पूर्व एपीसी एमडी दीवान, एपीसी विनोद शर्मा, कंप्यूटर ऑपरेटर शेख रफीक, विवेक यादव, पंकज विक्रम, जैजैपुर और सक्ती विकासखंड के पूर्व बीआरसी, आरईएस के 2 इंजीनियर और ठेकेदार राजेश अग्रवाल शामिल हैं। एफआईआर  के साथ ही 45 लाख 60 हजार रूपये रिकवरी के आदेश भी जारी किये गये हैं।

 आरोप है कि तत्कालीन कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ के फर्जी हस्ताक्षर से बगैर काम पूरा किये। नियम विरुद्ध ठेकेदार के नाम पर 30 लाख रूपये निकाल लिए गए थे। मामले की जांच अपर कलेक्टर और एसडीएम ने की थी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कलेक्टर ने बड़ी कार्रवाई की है। जिसके बाद शिक्षा विभाग और आरईएस विभाग में हड़कंप मच गया है।

ये क्या था बिजलीकरण घोटाला

साल 2011-12  में 501 स्कूलों में विद्युतीकरण का काम कराना था। आरईएस इसमें एजेंसी बनी 3 और ठेकेदार के जरिये स्कूलों में बिजलीकरण का काम शुरू किया गया।
 ठेकेदार ने 349 स्कूलों में विद्युतीकरण कराया, लेकिन सक्ती ब्लाक के 43 और जैजैपुर के 57 स्कूलों में काम नहीं कराया। बाद में इसमें से 52 स्कूलों में विद्युतीकरण हुआ ही नहीं और 45 लाख 60 हजार की राशि वापस होनी थी।
 लेकिन अफसरों ने मिलीभगत कर ठेकेदार के नाम से 30 लाख का चेक उच्चाधिकारियों के अनुमोदन बगैर ही काट दिया।

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