निजी बस मालिकों ने सरकार व रोड़वेज कर्मियों के खिलाफ मोर्चा खोला

Yuvraj Singh

Publish: Jun, 20 2017 02:13:00 (IST)

Jaipur, Rajasthan, India
निजी बस मालिकों ने सरकार व रोड़वेज कर्मियों के खिलाफ मोर्चा खोला

रोड़वेज कर्मियों के इशारे पर चल रही दस हजार अवैध मैक्सी कैब, दर्जा तीन कर्मचारियों ने विभाग को किया हाईजैक

चंडीगढ़। हरियाणा सरकार की मुश्किले और बढ़ गई हैं। स्टेट कैरिज स्कीम की नीति को लेकर रोड़वेज कर्मचारियों के निशाने पर चल रही हरियाणा सरकार के खिलाफ अब निजी बस संचालकों ने भी मोर्चा खोल कर दिया है। निजी बस संचालकों ने भविष्य की रणनीति का तो ऐलान नहीं किया अलबत्ता उन्होंने सरकार और रोड़वेज कर्मचारियों पर आपसी मिलीभुगत के साथ उन्हें व आम जनता को परेशान किए जाने का आरोप जरूर लगा दिया।

द हरियाणा कोपरेटिव ट्रांसापोर्ट एसोसिएशन हरियाणा के अध्यक्ष सुनील कुमार, पूर्व अध्यक्ष दलबीर सिंह मोर तथा कानूनी सलाहकार रविंद्र रावल ने आज यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वर्ष 1993 में तत्कालीन सरकार ने बेरोजगार युवाओं का एक समूह बनाकर उन्हें बस परमिट देने की योजना शुरू की थी लेकिन वर्तमान सरकार कर्मचारियों के साथ मिलकर इस योजना के स्वरूप को बिगाड़ रही है। उन्होंने कहा कि इस समय 273 रूटों पर 873 बसें चल रही हैं। इसके बाद पूर्व सरकार ने वर्ष 2013 व 16 में इस नीति में संशोधन कियाद गया। इस नीति को 17 फरवरी 2017 को अंतिम प्रकाशन किया गया। उन्होंने कहा कि जिनके पास पहले से बसें थी, उन्होंने इस नीति के तहत फीस भरकर 873 नए परमिट प्राप्त कर लिए व साथ ही 1663 व्यक्तियों को पूरे प्रदेश में ऑफर लैटर जारी किए गए। सरकार की नीति के चलते 45 लोगों ने सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बसें खरीद ली और सरकार के वाहन पोर्टल पर अपने वाहनों का पंजीकरण करवा लिया। इसके अलावा 100 से अधिक लोगों ने चैस्सी खरीद कर बसों की बॉडी लगने को दे दिया। दूसरी तरफ हरियाणा सरकार ने रोड़वेज कर्मचारी यूनियनों के दबाव में आकर 10 अप्रैल को फिर से नई नीति बनाने का ऐलान कर दिया।

परिवहन समीतियों के संचालकों ने कहा कि प्रदेश सरकार इस समय पूरी तरह से कर्मचारियों के दबाव में काम कर रही है। सरकार तीन माह के भीतर दूसरी बार स्टेट कैरिज़ नीति में बदलाव कर रही है। परिवहन नीति नियम में यह स्पष्ट है कि इसे बदला नहीं जा सकता इसमें केवल संशोधन किया जा सकता है।

निजी बस संचालकों ने रोड़वेज के कर्मचारियों व अधिकारियों पर मिलीभुगत करके प्रदेश में दस हजार से अधिक मैक्सी कैब अवैध रूप से चलवाने का आरोप लगाते हुए कहा कि रोड़वेज के अधिकतर कर्मचारियों द्वारा अवैध रूप से मैक्सी कैब चलवाई जा रही हैं। जिसके चलते वह सहकारी समीतियों की बसों को सडक़ पर नहीं उतरने दे रही है। उन्होंने कहा कि रोड़वेज कर्मचारी जनता के हितों की अनदेखी करते हुए आए दिन हड़ताल पर चले जाते हैं और सरकार उनके दबाव में आ रही है। द हरियाणा कोपरेटिव ट्रांसापोर्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने हरियाणा सरकार ने अलाट रूटों पर बस चलाने की अनुमति प्रदान करने, कर्मचारियों के दबाव में आकर स्टेट कैरिज नीति न बदले की मांग करते हुए कहा कि अगर सरकार ने इस मामले में कोई सकारात्मक फैसला नहीं लिया वह संघर्ष के लिए मजबूर होंगे।

रोड़वेज के खाते में राशि जमा करवाते हैं विभाग

द हरियाणा कोपरेटिव ट्रांसापोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने आज आरटीआई से हासिल जानकारी के आधार पर दावा किया की सरकार द्वारा इस समय 39 श्रेणियों को मुफ्त अथवा रियायती बस सफर की सुविधा प्रदान की जा रही है। सरकार द्वारा इसी सुविधा को रोड़वेज के घाटे का आधार बताया जाता है लेकिन यह दावा सच्चाई से कोसों दूर है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष के दौरान समाज कल्याण विभाग ने रोड़वेज के खाते में 52 करोड़, पुलिस विभाग ने 71 करोड़ तथा शिक्षा विभाग ने 125 करोड़ रुपए जमा करवाए हैं। इससे यह साफ है कि जिन विभागों से संबंधित लोगों को सुविधा प्रदान की जा रही है वह विभाग रोड़वेज को अदायगी कर रहे हैं।

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