जब चढ़ा पुलिस के हत्थे तो उगल दिया सारा सच क्यों बुझाया घर का चिराग

Ruchi Sharma

Publish: Dec, 01 2016 04:27:00 (IST)

Kanpur, Uttar Pradesh, India
 जब चढ़ा पुलिस के हत्थे तो उगल दिया सारा सच क्यों बुझाया घर का चिराग

अचानक इकलौते पुत्र अनुभव के घर से स्कूल जाने के समय गायब हो जाना

कानपुर देहात. अचानक इकलौते पुत्र अनुभव के घर से स्कूल जाने के समय गायब हो जाना, फिर मृतक अनुभव के पिता संजय कुशवाहा द्वारा पुलिस से शिकायत करने के बाद पुलिस द्वारा कोई सक्रियता न दिखाए जाने पर अगले दिन उसका शव रूरा अम्बियापुर स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर दो टुकड़ों में मिलने के बाद लोगों ने पुलिस पर लापवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा।

परिजनों ने दुकानों से बेंच व कुर्सियां उठाकर मुख्य मार्ग के तिराहे पर रखकर जाम लगा दिया। जिसके बाद सड़क के दोनों तरफ वाहन जहां के तहां खड़े हो गये। मामले की गम्भीरता देख थानाध्यक्ष भीमसिंह पौनिया ने तत्काल मामले की सूचना पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी को दी। मौके पर कई थानों की फोर्स के साथ एएसपी मनोज सोनकर पहुंचे। उन्होंने आरोपी की गिरफ्तारी का भरोसा दिलाते हुये गुस्साएं लोगों को शांत कराते हुये जाम खुलवाया। 


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जिसके बाद यातायात सुचारू रूप से संचालित हो सका। हालांकि लोगों द्वारा उसी दिन मृतक अनुभव अम्बरपुर निवासी वीरेंद्र के साथ देखा गया था। इसके बाद सक्रिय हुई पुलिस ने रात में आरोपी वीरेंद्र के पिता व परिजनों को हिरासत में लेकर पूछ्ताछ शुरू की। इसके बाद थाना पुलिस ने रात को ही वीरेंद्र को स्टेशन जाते समय धर दबोचा। हालांकि देर रात पुलिस ने अनुभव की साइकिल व स्कूली बैग रूरा रेलवे क्रासिंग के पास पशु चिकित्सालय मार्ग से बरामद कर लिया है।

पीएम हाउस से शव को वापस लाने लगे रिश्तेदार

इधर गुस्साएं परिजन व रिश्तेदार पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर मृतक अनुभव के शव को उठाकर वापस रूरा लाने लगे। जैसे ही रिश्तेदार शव लेकर मुक्तापुर के सामने पहुंचे तो जानकारी पाकर अकबरपुर पुलिस ने मुक्तापुर के पास ही उन्हे खदेड़कर शव कब्जे में लेकर फिर से पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया। अधिकारियों की मौजूदगी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच तीन डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम किया।

पिता से रुपये न मिलने पर पुत्र का अपहरण कर की हत्या

रात आरोपी वीरेंद्र के पकड़े जाने पर उसने पुलिस को कुछ नहीं बताया, लेकिन देर रात पुलिस पूछताछ में आरोपी वीरेंद्र ने घटना को कबूल करते हुए सारा सच उगल दिया। उसने बताया कि तीन महीने पहले वीरेंद्र ने लाइनमैन संजय कुशवाहा से 50 हजार रुपये उधार मांगे थे तो संजय ने रुपये न होने की बात कही थी। जिस पर फिरौती के लिये आरोपी ने उसके इकलौते पुत्र अनुभव का अपहरण कर लिया और रहस्य खुलने के डर से उसने अनुभव की हत्या कर दी। और रहस्य छिपाने के लिये उसे रेलवे ट्रैक किनारे फेंक दिया।

आरोपी वीरेंद्र का घर पर आना जाना था

मृतक के पिता लाइनमैन संजय ने बताया कि वीरेंद्र केबिल टीवी का संचालन करता है। जिसका घर पर आना जाना है। तीन महीने पहले संजय ने अपनी कार बेची थी। इसकी जानकारी के बाद वीरेंद्र ने बहुत जरूरी काम बताकर उससे पचास हजार रुपये मांगे थे लेकिन मैंने उसे मना कर दिया था। जिस पर उसने खुन्नस में मेरे बेटे की हत्या कर दी। रोते हुये संजय ने कहा कि अगर पता होता कि ऐसा करेगा। तो मैं रुपये भी दे देता और अगर जान लेनी थी, तो मेरी ले लेता और वह फूट-फूट कर रोने लगा।

केबिल टीवी कर्मी की हत्या में पहले भी जा चुका जेल

करीब एक साल पहले जौनपुर पर्वतपुर गांव निवासी केबिल टीवी कर्मी सुनील कुमार 28 अक्टूबर 2015 को बिजली का बिल जमा करने के लिये 28 हजार रुपये लेकर घर से निकला था। उस दौरान सुनील की गोली मारकर हत्या कर दी गयी और उसके शव को रूरा गौरियापुर मार्ग के किनारे स्थित धान के खेत में फेंक दिया गया था। इस मामले में सुनील के चाचा ने साथ में काम करने वाले वीरेंद्र व बिट्टू के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें वीरेंद्र जेल गया था। कुछ माह पहले ही वह जमानत पर जेल से बाहर आया है।

अपर पुलिस अधीक्षक मनोज सोनकर ने बताया कि मुकदमे को अपहरण व हत्या में तरमीम कराया गया है। प्राथमिक छानबीन व आरोपी से पूछ्ताछ में रुपये पाने के लिये छात्र को अगवा करने तथा भेद खुलने पर हत्या करने की बात सामने आई है। आरोपी के खिलाफ सख्त निरोधात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये है।

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