scriptking dashrath did yagya in neelkanth mahadev | तपोवन... यहां कराया राजा दशरथ ने पुत्र प्राप्ति के लिए यज्ञ | Patrika News

तपोवन... यहां कराया राजा दशरथ ने पुत्र प्राप्ति के लिए यज्ञ

locationजयपुरPublished: Aug 02, 2015 09:40:05 am

Submitted by:

raktim tiwari

नीलकंठ महादेव मंदिर की पौराणिक काल से महत्ता है।

शहर के समीप स्थित प्राचीन नीलकंठ महादेव मंदिर बरसों से लोगों की आस्था का प्रमुख केन्द्र बना हुआ है। पहाड़ों के बीच आबाद इस रमणीक एवं पावन स्थल पर लोग भगवान शिव की आराधना करने आते रहते हैं।

माना जाता है कि इस स्थान पर स्थित शिवलिंग की स्थापना हजारों साल पहले ऋषि श्रृंगी ने की थी। यह स्थान ऋषि श्रृंगी की तपोस्थली के तौर पर जाना जाता है। आज भी यहां पर स्थित श्रृंगी ऋषि की धूणी के दर्शन किए जा सकते हैं। वहीं, सावन मास के दौरान हर रोज हजारों लोगों का मंदिर में महादेव के दर्शन को लेकर तांता लगा रहता है।

सावन मास में महीनेभर मंदिर में शिवलिंग पर जलाभिषेक का दौर चलता रहता है। सुरम्य वादियों के बीच स्थित यह मनोरम स्थल सावन माह में और भी खूबसूरत नजर आता है। यहां पर आस-पास में लगाई गई वाटिका बड़ी मनभावन लगती है। यहां पर बने कुंड में लोग नहाने का आनंद लेते हैं, हालांकि इस बार अब तक यह कुंड नहीं भरा है। यहां पर स्थित बावड़ी में पानी हमेशा भरा रहता है।

यह है मान्यता
नीलकंठ महादेव के पुजारी रामदासने बताया कि इस स्थान पर महान ऋषि श्रृंगी की तपोस्थली रहा है। प्राचीन काल में राजा दशरथ ने इस स्थान पर श्रृंगी ऋषि से पुत्र प्राप्ति के लिए यज्ञ कराया था, जिसके पश्चात राजा दशरथ को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई थी।

2006 में हुआ जीर्णोद्धार

साल 2006 में नीलकंठ महादेव मंदिर का जीर्णोद्धार तत्कालीन विधायक देवीशंकर भूतड़ा की ओर से कराया गया था। इस दौरान मंदिर में वैष्णो देवी के मंदिर की स्थापना की गई थी। इसकी पिंडिया वैष्णो देवी से लाई गई थीं।
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