भाजपा के सामने दुम नहीं हिलाएगी कांग्रेस, राष्ट्रपति पद के बनाएंगे रणनीति : दिग्विजय सिंह

Lucknow, Uttar Pradesh, India
भाजपा के सामने दुम नहीं हिलाएगी कांग्रेस, राष्ट्रपति पद के बनाएंगे रणनीति : दिग्विजय सिंह

सोमवार को कानपुर पहुंचे एमपी के पूर्व सीएम व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने मीडिया से बातचीत के दौरान भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा...

कानपुर. भाजपा अब दल नहीं रहा, बल्कि दो लोगों की पार्टी बनकर रह गई है। वहां पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की चलती है। इसी के चलते उन्होंने विरोधी दलों के नेताओं से बिना बातचीत के अपना कैंडिडेट घोषित कर दिया है। कांग्रेस से चर्चा के बगैर राम नाथ कोविन्द के नाम का एलान करके भाजपा ने आम राय से राष्ट्रपति चुने जाने की सम्भावना को विराम लगा दिया है। कांग्रेस सत्तारूढ़ भाजपा के सामने दुम नहीं हिलायेगी, बल्कि राष्टपति चुनाव को लेकर अपनी अलग रणनीति बनायेगी। सोमवार को कानपुर पहुंचे एमपी के पूर्व सीएम व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने मीडिया से बातचीत के दौरान यह बाते कहीं।
 
विरोधी दलों से जल्द कांग्रेस करेगी बैठक 
दिग्विजय सिंह ने कहा कि भाजपा ने पहले संघ के चहेते कैंडिडेट रामनाथ कोविन्द को राष्ट्रपति के लिए चुन लिया था, जिसकी आज घोषण हो गई। भाजपा नेताओं ने राष्ट्रपति के उम्मीदवार के नाम पर किसी विरोधी दल से बात नहीं की। अब कांग्रेस पार्टी अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बैठक कर आगे की रणनीति बनाएगी। हमारे पास राष्ट्रपति के पद के लिए कई नाम हैं, जिन पर जल्द विचार करने के बाद उनके नाम का एलान किया जा सकता है। कसंग्रेस पार्टी किसी भी कीमत पर भाजपा के कैंडिडेट के पक्ष पर मतदान नहीं करेगी और अपना उम्मीदवार जरूर उतारेगी।


भाजपाई सामन्ती हुक्मरान
रामनाथ कोविन्द को एनडीए का राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाये जाने पर कंग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने तल्ख टिप्पणी की है और बीजेपी के तरीके को सामन्ती हुक्मरानों जैसा बताया है। उन्होने कहा कि राष्टपति के चुनाव पर बीजेपी का रवैया हुक्मरानों जैसा रहा। कॉंग्रेस उसके हुक्म को मानने से इनकार करती है और अब उसके पास अपनी रणनीति बनाने का विकल्प खुल गया है। दिग्गी राजा ने दावा किया कि कोविन्द के नाम पर भाजपा ने शिवसेना को भी विश्वास में नहीं लिया है। साथ ही एनडीए के कई घटक दल ऐसे हैं, जो मोदी और अमित शाह के पसंदीदा उम्मीदवार के खिलाफ जा सकते हैं। कांग्रेस ऐसे दलों को अपने पाले में लाकर भाजपा को राष्ट्रपति पद के चुनाव में कड़ी टक्कर देगी।

2019 के चलते खेला दलित कार्ड 
दिग्विजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने 2019 के लोकसभा चुनाव के चलते दलित कार्ड खेला है। इनकी ये रणनीति सफल नहीं होगी। प्रधानमंत्री ने अपने तीन साल के कार्यकाल के दौरान कुछ नहीं किया। इसी के चलते वो दलितों को लुभाने के लिए रामनाथ कोविन्द को राष्ट्रपति का प्रत्याशी बनाया है। तीन माह होने के आए हैं, लेकिन यूपी में योगी सरकार अपराध रोकने में असफल साबित हुई। इसी के चलते भाजपा ने अपनी नाकामी छिपाने के लिए यूपी से राष्ट्रपति के उम्मीदवार को उतारने जा रही है। दिग्विजय सिंह ने बताया कि देश को पहला दलित राष्ट्रपति देने का श्रेय पहले ही कंग्रेस के खाते में दर्ज है। बहरहाल कानपुर प्रवास के कारण कंग्रेस नेता ने कोविन्द को उम्मीदवार बनाये जाने पर कानपुरवासियों को बधाई भी दी।

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