जच्चा-बच्चा की मौत, डॉक्टरों ने 17 घंटे तक नहीं सौंपे शव

Ruchi Sharma

Publish: Jan, 14 2017 03:28:00 (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
जच्चा-बच्चा की मौत, डॉक्टरों ने 17 घंटे तक नहीं सौंपे शव

सामने आया धरती के भगवान का एेसा रूप, परुजनों के साथ 17 घंटे कैद में रखा जच्चा-बच्चा का शव

कानपुर. कल्याणपुर थाना अंतर्गत एसपीएम हॉस्पिटल में बैरी गांव निवासी गुड्डू सक्सेना की पत्नी गर्भवती थीं। वह उन्हें इलाज के लिए 9 जनवरी को अस्पताल लाए। शुक्रवार को डॉक्टरों ने प्रसूता का ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद ही जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। डॉक्टर ने दो घंटे तक मृतका के परिजनों को जानकारी नहीं दी। पति ने आईसीयू में जाकर देखा तो उसके पैरों के तले से जमीन खिसक गई। पत्नी और बच्चे के शव जमीन पर पड़े थे। परिजनों ने इसके बाद बवाल काटना शुरू कर दिया। हॉस्पिटल संचालक ने गार्डों को बुलाकर उन्हें शांत कराया और इलाज का खर्चा दो लाख बताया। परिजनों ने जब पैसे देने से इंकार किया तो हॉस्पिटल संचालक ने शवों के साथ परिजनों को कमरे में बंद करा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने 17 घंटे के बाद शवों को  मुक्त करा मामले की जांच शुरू कर दी है। 

पांच दिन पहले इलाज के लिए लाए थे हॉस्पिटल 

गुड्डू सक्सेना ने बताया कि रूबी (21) प्रेग्नेंट थी और एसीपीएम हॉस्पिटल में ही उसका इलाज आठ माह से चल रहा था। डॉक्टरों ने डिलेवरी की डेट नौ जनवरी बताई। पत्नी को लेकर मैं नौ की सुबह आ गया। डॉक्टरों ने पत्नी को एडमिट कर लिया और 13 जनवरी को ऑपरेशन की बात कही। 4 दिन के बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन किया और जच्चा-बच्चा की इसी दौरान मौत हो गई। हमने ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों से पत्नी और बच्चे के बारे में जानकारी ली तो उन्होंने दोनों ठीक हैं, लेकिन उन्हें अभी आईसीयू में रखा गया है।
 
दोनों के शव जमीन पर थे पड़े
 
पति ने बताया कि डॉक्टरों ने बताया कि दोनों की हालत गंभीर है और उन्हें वेंटीलेटर पर रख गया है। डॉक्टरों की बातों पर विश्वास नहीं हुआ और मैं जबरन आईसीयू में जाकर देखा तो दोनों के शव जमीन पर पड़े थे। पत्नी और बच्चे की मौत से गुस्साए पति और उसके परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। हॉस्पिटल प्रबंधक ने मृतका के परिजनों को गार्डों के जरिए जबरन बंधक बना लिया और इलाज के दौरान दो लाख रुपए खर्च का ब्योरा थमा दिया। 

100 नबर पर दी सूचना 

पति ने बताया कि हॉस्पिटल प्रबंधक ने हमें एक रूम में बंद करा दिया था। इसी दौरान एक व्यक्ति ने मुझे मोबाइल दिया और मैंने 100 नंबर पर पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस तत्काल हॉस्पिटल परिसर में पहुंची और जानकारी करनी आई। अस्पताल प्रबंधक ने पहले पुलिस को भी गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन कड़ाई से पूछने पर उन्होंने हमें मुक्त कर दिया। मृतका के पति ने थाने में अस्पताल प्रबंधक के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। वहीं कल्याणपुर इंस्पेक्टर ने बताया कि तहरीर लेकर पुलि जांच कर रही है। अस्पताल प्रबंधक अगर दोषी पाया जाता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। 

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