राम नाथ कोविंद की जीत के लिए मंदिरों में पूजा, तो मस्जिदों में उठे दुवाओं के हाथ

Lucknow, Uttar Pradesh, India
 राम नाथ कोविंद की जीत के लिए मंदिरों में पूजा, तो मस्जिदों में उठे दुवाओं के हाथ

अपने सरल स्वभाव के चलते कोविंद के लिये मुस्लिम महिलाएं घरों में तो मुस्लिम भाई मस्जिदों में दुआएं मांगते रहे। उनके चहेतों में दिन भर हर्ष का माहौल रहा।

अरविंद वर्मा

कानपुर देहात. देश के सर्वोच्च पद के लिए निश्चित तिथि पर जैसे ही मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई तो देश के कोने-कोने से राम नाथ कोविंद की जीत के लिए लोग मन्नतें मांगने लगे। पूरे दिन टेलीविजन पर लोग डटे रहे। वहीं बिहार के पूर्व राज्यपाल राम नाथ कोविंद के पैतृक गांव परौंख व उनके परिवारीजनों के घर पर लोग पूजा पाठ करते नजर आए, तो गांव की मस्जिद में उनकी जीत के लिए मुस्लिम भाई भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने मस्जिद में नफिल की नमाज में दोनों हाथ उठाकर अल्लाह से दुवाएं मांगी। घर में जहां उनके बड़े भाई प्यारे लाल व स्व. शिवबालक राम के घर में उनकी भाभी विधावती पूजा पाठ कर उनकी जीत के लिये मन्नतें मांगती रहीं। गांव परौंख में ग्रामीणों ने पथरी देवी के मंदिर पर अखंड रामायण व हवन कर कोविंद को राष्ट्रपति की कुर्सी पर काबिज करने के लिये सिद्ध देवी से मनोकामना की। हालांकि एनडीए द्वारा उन्हें प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद से ही लोगों में उनकी जीत का उत्साह बराबर देखा जा रहा है।


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परौंख की मस्जिद में मांगी गई दुआएं

अपने सरल स्वभाव के चलते कोविंद के लिये मुस्लिम महिलाएं घरों में तो मुस्लिम भाई मस्जिदों में दुआएं मांगते रहे। उनके चहेतों में दिन भर हर्ष का माहौल रहा। सभी के दुलारे राम नाथ कोविंद को देश के महामहिम के पद पर बिठाने के लिये परौंख गांव की मस्जिद में मुस्लिम भाइयों ने नफिल की नमाज अता कर दोनों हाथ उठाकर उनकी जीत के लिए दुआएं मांगी। तो वहीं मदरसा में छोटे-छोटे बच्चों ने कुरान शरीफ पढ़कर अल्लाह से जीत की मुराद रखी। मस्जिद के हाफिज मौलाना मोहम्मद असीम-उल-हक ने मुस्लिम भाइयों को नमाज अता कराई। इसके बाद उन्होंने कहा कि अल्लाह के नेक बंदों ने उनकी जीत के लिए दुआएं की हैं और नफिल की नमाज अल्लाह की खिदमत में अता कर उनके लिये सैकडों हाथ दुआओं में उठे हैं।




पथरी देवी के मंदिर में हुआ हवन व अखंड पाठ

कोविंद के पैतृक गांव परौंख में विगत दिन से ही उनकी जीत के लिये पूजा पाठ का कार्यक्रम चल रहा है। लोग अपनी श्रद्धा के अनुसार ईश्वर से मनोकामना कर रहे हैं। एक तरफ सोमवार को भगवान शिव की आराधना कर जहां लोगों ने मन्नतें मांगी। वहीं जिस मंदिर को कोविंद के पिता स्व. मैकूलाल ने बनवाया था, उस पथरी देवी के मंदिर में भी ग्रामीणों ने हवन पूजन कर अखंड रामायण का पाठ शुरू कराया। सारे दिन लोग अखंड पाठ कर उनकी जीत के लिए भजन कीर्तन करते नजर आए। जहां पूजा और नमाज में उनकी जीत के लिए लोगों के हाथ उठ रहे थे, तो वहीं दूसरी तरफ लोगों में उनकी जीत का पक्का इरादा उनके चेहरे पर स्पष्ट दिखाई दे रहा था।


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