मोदी के नोटबंदी के निर्णय से सपा खफा, गद्दाफी से तुलना कर पीएम का फूंका पुतला

Abhishek Gupta

Publish: Dec, 01 2016 07:53:00 (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
मोदी के नोटबंदी के निर्णय से सपा खफा, गद्दाफी से तुलना कर पीएम का फूंका पुतला

मोदी के तानाशाही फैसले का विरोध करते हुए सपा मजदूर सभा के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को बड़े चौराहें पर प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया है।

विनोद निगम.
कानपुर. मोदी के तानाशाही फैसले का विरोध करते हुए सपा मजदूर सभा के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को बड़े चौराहें पर प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया है। सपा कार्यकर्ताओं ने इस दौरान पीएम मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए उनकी तुलना गद्दाफी से की | सपा नगर अध्यक्ष फजल महमूद ने बताया है कि नोटबन्दी प्रधानमंत्री की तानाशाही हैं। पीएम के इस निर्णय से आम जनता को अनेक समस्याओं से हर रोज जूझना पढ़ रहा है | पहली दिसंबर को सरकारी और प्राइवेट कर्मचारियों का वेतन आता है, लेकिन सैकड़ों कर्मी बिना वेतन के घर लौटे | प्रधानमंत्री के जनविरोधी निर्णय की सपा घोर निंदा करती है और मोदी सरकार से मांग करती है कि नोटबंदी के आदेश को वापस लें|

सपा मजदूर सभा के प्रदेश अध्यक्ष रामगोपाल पुरी ने कहा कि नोट बंदी से पूरे भारत में व्यापार एवं उद्योगों में जबरदस्त गिरावट आईं हैं, जिससे मजदूर भुखमरी की कगार पर हैं। समाजवादी पाटी के ग्रामीण अध्यक्ष महेन्द्र सिंह यादव ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि ग्रामीण आंचलों में जाकर देखें तो किसानों की हालत दिन ब दिन बद्त्तर होती जा रही हैं। किसान गेहूं की बोआई नहीं कर पा रहा हैं। साथ ही खाद व सिचांई के लिए धन की निकासी बैंक से नहीं कर पा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की नोट बन्दी केवल गरीब आदमी का शोषण करके कारपोरेट जगत के नाम चीनों को बढ़ावा दे रहे हैं।

गेहूं की बोवनी पिछड़ी

रामगोपाल पुरी ने कहा कि पीएम के एक निर्णय से देश की अस्सी फीसदी आबादी पर प्रहार किया है | खरीफ की फसल की बोवनी के लिए किसानों ने खेत तैयार कर लिए हैं, लेकिन पैसे न होने के चलते पलेवा बेकार हो गया है | गांवों में बैंकों की संख्या बहुत कम है | जो हैं भी वहां करेंसी नहीं पहुंच रही है | किसान खेतों की बजाय सुबह से बैंक के बाहर आ रहे हैं और नंबर आते ही ही उन्हें पैसे खत्म होने की बात कह अधिकारी टरका रहे हैं |

सहकारी बैंकों में नहीं पहुंच रही करेंसी

सपा ग्रामीण जिलाध्यक्ष महेन्द्र सिंह यादव ने बताया कि मोदी सरकार ने सहकारी बैंकों में न तो नोट अदला बदली की गई और न ही इनमें नई करेंसी पहुंच रही है | कहा, हालात बहुत खराब हैं अगर सरकार चेती नहीं तो लोग बैंकों को लूट सकते हैं | मोदी सरकार ने बिना सोंचे समझे नोटबंदी कर आपातकाल जैसे हालात पैदा कर दिए हैं | आरबीआई को ग्रामीण इलाकों में स्थित बैंकों में करेंसी पहुंचाने के लिए युद्व स्तर पर कदम उठाने चाहिए | वहीं कानपुर में अकेले इस नोटबंदी के चलते दो लाख बीस हजार कामगर मजदूरों के घरों में एक वक्त भोजन पक रहा है |

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned