सात समुंदर पार जाएगी यहां के किसानों की फसल, हुआ अनूठा अनुबंध

Jabalpur, Madhya Pradesh, India
सात समुंदर पार जाएगी यहां के किसानों की फसल, हुआ अनूठा अनुबंध

प्रदेश में पहली बार कटनी के किसान अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचेंगे उत्पाद, कृषि विज्ञान केंद्र पिपरौध की पहल

धर्मेन्द्र पांडे@कटनी। प्रदेश में पहली बार कटनी के किसान सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ेंगे। साथ ही इन बाजारों में अपनी उपज भी बेच सकेंगे। इसके लिए किसानों को कहीं जाना भी नहीं पड़ेगा। किसानों को विदेश की बाजारों से जोडऩे का काम कृषि विज्ञान केंद्र करेगा। खासबात यह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब जिले के किसान अपने उपज बेचेंगे तो उन्हे और ज्यादा लाभ होगा। विदेशी बाजार में किसानों को फसलों  का अच्छा दाम मिले, इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्र पिपरौंध आंध्रप्रदेश की एक कंपनी से अनुबंध करने जा रहा है।


कंपनी से जुडऩे के बाद कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा जिले के उन्नतशील किसानों का नाम और मोबाइल नंबर देगा। जिले में सर्वाधिक उत्पादन वाली जिंसों को कम्प्यूटर से लोड किया जाएगा। इसके बाद यह कंपनी सीधे तौर पर किसानों से संपर्क करेगी। देश और विदेश में जिंसों के क्या दाम है, उस आधार पर किसानों से उपज की खरीदी होगी। साथ ही किसान कॉमनवेल्थ देशों में अपना उत्पाद बेच सकेंगे। 


150 किसान शामिल
जिले के 150 उन्नतशील किसानों को योजना के पहले चरण में शामिल किया जाएगा। जिसके बाद ये किसान उद्यानिकी, वानिकी सहित सभी प्रकार की फसलों को देश और विदेश में बेच सकेंगे। जिले में वर्तमान समय में 1 लाख 93 हजार किसान है। इस सभी किसानों को देश और विदेश की बाजारों से जोड़ा जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक जिले के बहोरीबंद ब्लॉक में भुट्टे का उत्पादन सबसे ज्यादा होता है। जिले का भुट्टा देश के बाद विदेश के बाजारों में भी बिके, इसलिए सबसे पहले बहोरीबंद ब्लॉक के उन्नतशील किसानों को जोडऩे का काम होगा। 

काम चल रहा है
जिले के किसानों को सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोडऩे की कार्ययोजना बनाई जा रही है। इसके लिए आंध्रप्रदेश की एक कंपनी से संपर्क किया जा रहा है। जल्द ही किसानों को यह सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। 
- डॉ. एके तोमर, समन्वयक, कृषि विज्ञान केंद्र पिपरौध

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned