100 साल बाद आया करबा चौथ का दुर्लभ संयोग, महिलाओं को मिलेगा 100 उपवास का फल

Khandwa, Madhya Pradesh, India
 100 साल बाद आया करबा चौथ का दुर्लभ संयोग, महिलाओं को मिलेगा 100 उपवास का फल

 कार्तिक माह के रोरणी नक्षत्र में आ रहा करबाचौथ व्रत, महिलाओं 100 व्रत का मिलेगा फल। इसी व्रत के प्रताप से द्रौपदी ने अपने सुहाग की लंबी उम्र का वरदान पाया था। करवाचौथ के दिन श्री गणेश, मां गौरी और चंद्रमा की पूजा की जाती है। चंद्रमा पूजन से महिलाओं को पति की लंबी उम्र और दांपत्य सुख का वरदान मिलता है और व्रत रखने से सौभाग्य की प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है।

खंडवा. इस बार पूरे सौ साल बाद ऐसा दुर्लभ संयोग बन रहा है। अंकित मार्कंडेय के अनुसार इस बार करवाचौथ का एक व्रत करने से 100 व्रतों का वरदान (फल) मिलेगा। शीतला माता मंदिर के पंडित अंकित मार्र्कंडेय ने बताया कि यह शुभ योग में इस बार करवाचौथ व्रत आया है, जो दिव्य और चमत्कारी फल देगा। महिलाओं के लिए शुभ संयोग में आया करवाचौथ,100 साल बाद अपनी सारी मनोकामनाएं पूरी होंगी।

बुधवार को कार्तिक मास रोहिणी नक्षत्र है
इस दिन चन्द्रमा अपने रोहिणी नक्षत्र में रहेंगे। इस दिन बुध अपनी कन्या राशि में रहेंगे, जो अति शुभ योग बना रहा है। इसी दिन गणेश चतुर्थी और कृष्ण की रोहिणी नक्षत्र भी है। जैसे मान्यता है बुधवार गणेश और कृष्ण जी दोनों का दिन है। ये अद्भुत संयोग करवा चौथ के व्रत को और भी शुभ फलदायी बना रहा है। साथ ही इस दिन पति की लंबी उम्र के साथ संतान सुख भी मिल सकता है।


करवाचौथ क्यों है इतना खास

कहते हैं जब पांडव वन वन भटक रहे थे तो भगवान श्री कृष्ण ने द्रौपदी को इस दिव्य व्रत के बारे बताया था। इसी व्रत के प्रताप से द्रौपदी ने अपने सुहाग की लंबी उम्र का वरदान पाया था। करवाचौथ के दिन श्री गणेश, मां गौरी और चंद्रमा की पूजा की जाती है। चंद्रमा पूजन से महिलाओं को पति की लंबी उम्र और दांपत्य सुख का वरदान मिलता है और व्रत रखने से सौभाग्य की प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है।

इस समय में मिलेगा व्रत का लाभ

- चतुर्थी तिथि प्रारम्भ
18 अक्टूबर रात 10:47 बजे से

- चतुर्थी तिथि समाप्त

19 अक्टूब रात 9:32 तक रहेगा

- करवा चौथ के दिन चन्द्रोदय
चंद्र दर्शन रात्रि 9:05 मिनट


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