अवैध उत्खनन से बने गड्ढे में डूबकर बालक की मौत, परिजन ने किया हंगामा

jitendra tiwari

Publish: Jun, 19 2017 11:21:00 (IST)

khandwa
अवैध उत्खनन से बने गड्ढे में डूबकर बालक की मौत, परिजन ने किया हंगामा

सुक्ता नदी में अवैध उत्खनन से बने गड्ढे में डूबकर 12 वर्षीय बालक की मौत हो गई। मामले में पीएम कराने की बात को लेकर करीब 1 घंटे तक हंगामा चला।

बोरगांव बुजुर्ग. मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में ग्राम इस्लामपुर में सोमवार को सुक्ता नदी में अवैध उत्खनन से बने गड्ढे में डूबकर 12 वर्षीय बालक की मौत हो गई। मामले में पीएम कराने की बात को लेकर करीब 1 घंटे तक हंगामा चला। जानकारी के अनुसार ईस्लामपुर निवासी विशाल (12) पिता शिवकरण भील परिवार के साथ सुक्ता नदी के पास खेत में मजदूरी करने गया था। इसी दौरान नदी में बने गड्ढे में डूबकर विशाल की मौत हो गई। दोपहर करीब 3 बजे माता-पिता मजदूरी कर घर लौट आए। इसी बीच विशाल नजर नहीं आया तो परिजन ने तलाश शुरू की। गांव में कहीं नहीं मिला तो पिता शिवकरण नदी के पास खेत में पहुंचे। संदेह पर शाम करीब 4 बजे गड्ढे में विशाल की तलाश की। तभी गड्ढे में बालक का शव मिला। तुरंत लेकर अस्पताल पहुंचे। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। यहां से परिजन विशाल का शव लेकर वापस गांव आ गए। इधर, मामले की सूचना मिलते ही बोरगांव चौकी के प्रधान आरक्षक गोपालसिंह चावड़ा व आरक्षक फजल मंसूरी गांव पहुंचे। वहां देखा तो सरपंच की सहमति से मृतक का पंचनामा बनाया जा रहा था। परिजन ने बेटे का पीएम कराने से इनकार कर दिया। यह देख पुलिस ने सरपंच को जमकर फटकार लगाई। साथ ही कार्रवाई की बात कही। पीएम को लेकर परिजन ने करीब एक घंटे तक हंगामा किया। काफी मानमनोबल के बाद परिजन पीएम के लिए तैयार हुए।
परिजन की सहमति मिलने के बाद पुलिस शव को लेकर पंधाना स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। यहां देखा तो डॉक्टर नहीं थे। फोन पर डॉक्टर से मामले में बात की तो जवाब मिला बोरगांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पीएम करा लो। इस पर पुलिस शव को लेकर बोरगांव अस्पताल पहुंची तो यहां पदस्थ डॉ. अनुराग सोनी भी नहीं मिले। अस्पताल में मौजूद स्टॉफ ने बताया डॉक्टर हाजिरी रजिस्ट्रर साथ लेकर जाते हैं। वो यहां नहीं रहते है। डॉक्टर नहीं मिलने पर पुन: पंधाना पहुंचकर मशक्कत के बाद शव का पीएम कराया गया।
खिराला व ईस्लामपुर के बीच सुक्ता नदी पर पिछले कई सालों से रेत का अवैध उत्खनन कारोबार चल रहा है। जानकारी होने के बाद भी जिम्मेदार कार्रवाई करने से कतराते हैं। जिम्मेदारों की इस लापरवाही के चलते पिछले पांच सालों में अवैध उत्खनन से बने गड्ढों में डूबकर चार बालकों की मौत हो चुकी है। पुलिस के मुताबिक अब तक ग्राम खिराला के युसुफ खत्री का 10 वर्षीय बालक, ग्राम ईस्लामपुर के जगदीश का 10 वर्षीय बेटा, अमजद का 8 वर्षीय बालक और सोमवार को शिवकरण का 12 वर्षीय बेटे शिकार हो गया।
अवैध उत्खनन पर कार्रवाई करने की जिम्मेदारी खनिज विभाग की है। बालक की मौत मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिलने से आए दिन परेशान होना पड़ा है। इसकी शिकायत भी कर चुके हैं, लेकिन कोई सुधार नहीं हो रहा है।
वीरेशसिंह कुशवाह, चौकी प्रभारी बोरगांव बुजुर्ग
सुक्ता नदी में अवैध उत्खनन होने की जानकारी नहीं है। यदि हो रहा है तो तहसीलदार के साथ मिलकर कार्रवाई करने की रूपरेखा बनाई जाएघी। अभी प्याज खरीदी के चलते व्यस्थ हूं। जल्द ही अवैध उत्खनन करने वालों पर कार्रवाई करेंगे।
अरविंद चौहान, एसडीएम पंधाना

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