फलता में झाडिय़ों से मिले 3 मासूम

Mukesh Sharma

Publish: Dec, 01 2016 04:43:00 (IST)

Kolkata, West Bengal, India
फलता में झाडिय़ों से मिले 3 मासूम

दक्षिण 24 परगना जिले के फलता इलाके में मंगलवार शाम एक तालाब के किनारे से  तीन नवजात बरामद

कोलकाता।दक्षिण 24 परगना जिले के फलता इलाके में मंगलवार शाम एक तालाब के किनारे से  तीन नवजात बरामद किए गए। इनमें से दो लड़के और एक लड़की है। दक्षिण 24 परगना जिला पुलिस और सीआईडी मामले की जांच कर रही है। सीआईडी का अनुमान है कि नवजातों को तस्करी के लिए कहीं छुपा कर रखा गया था। मामले में एक के बाद एक हो रही गिरफ्तारी के भय से तस्करोंने  इन बच्चों को झाड़ी में फेंक दिया था। समाचार लिखे जाने तक इस संबंध में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई थी। जांच एजेन्सी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन तीन नवजातों को कौन और कहां छुपा कर रखा था।

फलता के चांदापाला इलाके की रहने वाली एक महिला शाम को तालाब के किनारे से जब गुजर रही थी तब उसे बच्चों की रोने की आवाज सुनाई दी। जिस ओर से आवाज आ रही थी वह जब उधर बढ़ी तो देखा कि तालाब के किनारे झाडी में तीन नवजात पड़े हैं। थोड़ी ही देर में वहां लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। लोग नवजातों को उठा लिए। फलता पुलिस पहुंची और नवजातों को कब्जे में लेकर डायमंड हार्बर अस्पताल पहुंची। अस्पताल सूत्रों के अनुसार तीनों बच्चे स्वस्थ हैं।         

एनसीपीसीआर ने मांगी जिला प्रशासन से रिपोर्ट

15 दिन का समय

नवजात तस्करी के मामले को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर)ने उत्तर 24 परगना जिला प्रशासन से जिले में चल रहे नर्सिंग होम के बारे में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। जिला प्रशासन को 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है। संस्था के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को उत्तर 24 परगना जिले के कलक्टर, पुलिस आधिकारी व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की और मामले की जानकारी ली। लगभग 45 मिनट की बैठक के बाद प्रतिनिधि दल की प्रमुख रूपा कपूर ने पत्रकारों को बताया कि जिला प्रशासन के पास जिले में चल रहे नर्सिंग होम, स्वयं सेवी संगठन के क्रिया-कलापों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इन पर निगरानी की कोई व्यवस्था नहीं है।

किस नर्सिंग होम में कितने बच्चों का जन्म हुआ है। कितने की मौत हुई है। इसका कोई लेखा-जोखा नहीं है। उन्होंने जिला प्रशासन को 15 दिनों के भीतर इस बारे में विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। अगले महीने वे फिर जिला प्रशासन के साथ बैठक करेंगी। उल्लेखनीय है कि नवजात तस्करी का खुलासा उत्तर 24 परगना जिले से ही हुआ था। बादुडिय़ा के सोहन नर्सिंग होम में तस्करी के लिए रखे गए तीन नवजातों को सीआईडी की टीम ने बरामद किया था। फिर जिले के मछलंदपुर स्थित सुजीत मेमोरियल ट्रस्ट कार्यालय के परिसर से दो नवजातों के कंकाल बरामद किए गए थे।


एनसीपीसीआर के प्रतिनिधि दल ने मंगलवार को दक्षिण 24 परगना जिले के ठाकुरपुकुर स्थित पूर्वासा होम का निरीक्षण किया था। यहां से 10 नवजात बरामद किए गए हैं। दल ने जोका ईएसआई अस्पताल में भर्ती किए गए नवजातों के स्वास्थ्य के बारे में भी जानकारी जुटाई। रूपा कपूर ने बताया कि पूर्वासा होम में बच्चों को मियाद समाप्त हो चुका बेबी फूड खिलाया जाता था। उनका इलाज ठीक तरीके से चल रहा है। नवजात पहले से बेहतर हैं।


अब तक मिले यहां से

तस्करी के लिए छुपा कर रखे गए नवजातों की बरामदगी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले  उत्तर 24 परगना जिले के बादुडिय़ा इलाका स्थित सोहन नर्सिंग होम से 3, दक्षिण 24 परगना जिले के ठाकुरपुर स्थित पूर्वासा होम से 10 एवं बर्दवान, कूचबिहार तथा पश्चिम मिदनापुर जिले से एक-एक नवजात को बरामद किया जा चुका है।

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