दिल्ली को 560, कोलकाता को 260 रुपए

Shankar Sharma

Publish: Jun, 20 2017 04:15:00 (IST)

Kolkata, West Bengal, India
दिल्ली को 560, कोलकाता को 260 रुपए

श्वानों व अन्य पशुओं के इलाज को लेकर कोलकाता नगर निगम ने केंद्रीय मंत्री महिला व शिशु विकास मंत्री मेनका गांधी से भेदभाव बरते जाने की शिकायत की है

कोलकाता. श्वानों व अन्य पशुओं के इलाज को लेकर कोलकाता नगर निगम ने केंद्रीय मंत्री महिला व शिशु विकास मंत्री मेनका गांधी से भेदभाव बरते जाने की शिकायत की है। निगम ने महानगर में पशुओं के इलाज के लिए फंड बढ़ाने की मांग की। इधर, मेनका गांधी ने महानगर में पशु विकास के लिए एक सलाहकार बोर्ड के गठन का प्रस्ताव दिया है।

सोमवार को निगम मुख्यालय में मेनका गांधी ने मेयर शोभन चटर्जी व मेयर परिषद के सदस्य अतीन घोष के साथ बैठक की। इस बैठक में निगम की ओर से पशुओं के इलाज व नसबंदी पर निगम के खर्च पर चर्चा की गई। निगम की ओर से कहा गया कि केंद्र की ओर से श्वानों के नसबंदी व ऑपरेशन के लिए 560 रुपए दिए जाते हैं जबकि कोलकाता को सिर्फ 260 रुपए मिलते हैं।

केन्द्र से 2012 से बकाया 15 लाख रुपए भी मांगे हैं। मेनका गांधी ने निगम को इस विषय पर बातचीत करने का आश्वासन दिया है। साथ ही मेनका गांधी ने निगम को कहा कि महानगर में पशुओं के विकास व उनकी देखरेख के लिए एक सलाहकार बोर्ड का गठन करें जिसमें स्वयंसेवी संस्थाएं और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों को शामिल करें।

उन्होंने निगम को कई स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से पशुओं के विकास व नसबंदी को लेकर कार्यक्रम करने कहा जिसमें उनकी स्वयंसेवी संस्था अशारी भी शामिल है। अतीन घोष ने बताया कि महानगर में श्वानों के लिए कार्य को फिर से स्वयंसेवी संस्थाओं को सौंपने को कहा है।

उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। वे लोग जल्द ही एक बैठक कर इस विषय पर काम करेंगे।उल्लेखनीय है कि वर्ष 2012 के पहले महानगर में श्वानों की नसबंदी का काम निगम ने स्वयंसेवी संस्थाओं को सौंपा था। सुष्मिता सेन की संस्था लव एंड केयर को महानगर के 80 वार्ड और केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी की संस्था 45 से 50 वार्ड सौंपा गया था। लेकिन वे लोग नियम के अनुसार अंगों की संख्या नहीं बताते थे। कई घोटालों के बाद निगम ने वर्ष 2012 में उन्हें हटाकर खुद ही काम करना शुरू कर दिया।

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