पुलिस बूथ-विद्युत विभाग दफ्तर को फूंका

Shankar Sharma

Publish: Jul, 17 2017 10:04:00 (IST)

Kolkata, West Bengal, India
पुलिस बूथ-विद्युत विभाग दफ्तर को फूंका

बंगाल से अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर जारी आंदोलन के एक माह बीत जाने के बावजूद पहाड़ में आगजनी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही

दार्जिलिंग/सिलीगुड़ी. बंगाल से अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर जारी आंदोलन के एक माह बीत जाने के बावजूद पहाड़ में आगजनी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही।

इसी क्रम में सोमवार को गोरखालैंड समर्थकों ने मिरिक के कृष्णानगर स्थित पुलिस बूथ व बिजनबाड़ी विद्युत विभाग के दफ्तर में पेट्रोल बम फेंक कर फूंक डाला। घटना के बाद पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। हालांकि आगजनी में कोई घायल तो नहीं हुआ, पर दोनों जगह काफी नुकसान हुआ है। आंदोलन के बाद पहाड़ में अभी तक कई सरकारी दफ्तरों को आंदोलनकारियों ने आग के हवाले कर दिया है।

उधर 2 शिक्षिकाओं ने लौटाया अवार्ड
सिलीगुड़ी. पहाड़ पर आंदोलन के समर्थन व राज्य सरकार की ओर से आंदोलन को बलपूर्बक दबाने के प्रयास के विरोध में कर्सियांग की 2 शिक्षिकाओं ने राज्य सरकार से मिले शिक्षा रत्न अवॉर्ड लौटा दिए हैं। कर्सियांग की शिक्षिका प्रमीला प्रधान व लीली देवी ने सोमवार को कलेक्टर को अवॉर्ड लौटाए। प्रमीला को राज्य सरकार ने सितम्बर 2012 में और लीली को 5 सितम्बर 2014 को शिक्षा रत्न से नवाजा था। इन दोनों ने गोरखालैंड की मांग पर जारी आंदोलन का समर्थन किया है। पहाड़ के नेताओं ने सरकार की ओर से पहाड़ के महानुभावाओं को दिए सभी अवार्ड व मेडल लौटाने का आह्वान किया था।
--मेयर के खिलाफ एफआईआर की चेतावनी

उधर सिलीगुड़ी नगर निगम के विरोधी दल नेता रंजन सरकार ने मेयर अशोक भट्टाचार्य के हाल ही राज्य सरकार पर पहाड़ पर हिंसा फैलाने का आरोप लगाने के बयान की निंदा करते हुए कहा कि मेयर को इसके सबूत देने होंगे। उन्होंने कहा कि यदि मेयर इसे साबित नहीं कर पाते हैं तो उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि भट्टाचार्य पहाड़ व समतल में आग लगाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेयर ने कुछ दिन पहले कहा था कि राज्य सरकार की गलत नीतियों से पहाड़ में हिंसा फैली है। जल रहे पहाड़ में घी देने का काम राज्य सरकार कर रही है।

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