इंद्रियों का संयम जरूरी- महाश्रमण

Shankar Sharma

Publish: Jun, 20 2017 04:12:00 (IST)

Kolkata, West Bengal, India
इंद्रियों का संयम जरूरी- महाश्रमण

अहिंसा के ध्वजारोही आचार्य महाश्रमण ने अहिंसा यात्रा के माध्यम से अखिल विश्व में अहिंसा की अलख जगाई है। अलीपुर क्षेत्र में प्रवचन देते समय आचार्य ने फरमाया कि हमें आत्मा की रक्षा करनी चाहिए

कोलकाता. अहिंसा के ध्वजारोही आचार्य महाश्रमण ने अहिंसा यात्रा के माध्यम से अखिल विश्व में अहिंसा की अलख जगाई है। अलीपुर क्षेत्र में प्रवचन देते समय आचार्य ने फरमाया कि हमें आत्मा की रक्षा करनी चाहिए। आरक्षित आत्मा जन्म-मरण के घेरे में भ्रमण करती रहती है। सुरक्षित आत्मा उस घेरे से निकल सकती है। इसके लिए इंद्रियों का संयम जरूरी है। हम कानों से भगतवाणी आगम श्रवण करें। आंखों से सद्साहित्य पढ़ें। कुदृष्टि से बचें।

आचार्य कोलकाता में विचरण करते हुए जन-जन को लाभान्वित कर रहे हैं। प्रवास व्यवस्था समिति की महामंत्री सूरज बरडिय़ा ने सोमवार को बताया कि नेताजी इंडोर स्टेडियम में नागरिक अभिनंदन समारोह के बाद हैस्टिंग क्षेत्र में प्रवास हुआ। 19 जून को महावीर सेवा सदन में प्रात: काल प्रेरणादायी कार्यक्रम हुआ।

इसके बाद वे अलीपुर क्षेत्र के सत्यम टावर के परिवारों  के विनती पर वहां पधारे। करुणा के महासागर आचार्य का आशीर्वाद पाकर हर व्यक्ति स्वयं को कृत-कृत्य महसूस कर रहा था। प्रवचन अलीपुर श्रावक समाज की तरफ से हॉर्टी कल्चर गार्डेन हॉल में आयोजित किया गया।

इसमें शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम उपस्थित थे। कार्यक्रम के बाद करुणा निधार कोठारी मेंसन पधारे और प्रवास पोद्दार हाउस में हुआ। रणजीतसिंह कोठारी एवं राजेन्द्र कुमार पोद्दार ने स्वागत व्यक्तव्य दिया।


कोलकाता के क्षेत्रों में उत्साह
आचार्य के अलीपुर पधारने पर महिला मंडल ने भावपूर्ण गीतिका प्रस्तुत की। कन्या मंडल एवं बहनों ने एक सुन्दर संवाद प्रस्तुत किया। आचार्य के पदार्पण पर कोलकाता के क्षेत्रों मेें उत्साह व उल्लास है। विकास परिषद के सदस्य बनेचन्द मालू व वरिष्ठ श्रावक नोरतनमल सुराणा ने भावों की अभिव्यक्ति दी। भीखमचंद पुगलिया व सुशीला पुगलिया ने सुमधुर गीत प्रस्तुत किया।

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