पानी के लिए हैंडपंप या टैंकर नहीं गार्डन में लगती है लोगों की कतार, मोहल्लेवासियों ने बांध रखी है अपनी-अपनी पारी

Korba, Chhattisgarh, India
 पानी के लिए हैंडपंप या टैंकर नहीं गार्डन में लगती है लोगों की कतार, मोहल्लेवासियों ने बांध रखी है अपनी-अपनी पारी

अब तक पानी लेने के लिए लोगों को हैंडपंप या फिर टैंकर, कुएं के आसपास देखा होगा लेकिन सर्वमंगलानगर बस्ती का हाल ये है कि गार्डन की घास को पानी देने के लगाए गए नल के सामने लोगों की कतार लग रही है। पूरे मोहल्ल्ेा का इन दिनों यह रूटीन बन गया है। मोहल्ले वालों ने यहां समय बांट लिया है। गर्मी चरम पर है लेकिन इस समस्या से निपटने वैकल्पिक तौर पर काम नहीं किया जा रहा।

कोरबा.  अब तक पानी लेने के लिए लोगों को हैंडपंप या फिर टैंकर, कुएं के आसपास देखा होगा लेकिन सर्वमंगलानगर बस्ती का हाल ये है कि गार्डन की घास को पानी देने के लगाए गए नल के सामने लोगों की कतार लग रही है। पूरे मोहल्ल्ेा का इन दिनों यह रूटीन बन गया है। मोहल्ले वालों ने यहां समय बांट लिया है। गर्मी चरम पर है लेकिन इस समस्या से निपटने वैकल्पिक तौर पर काम नहीं किया जा रहा।

वार्ड क्रमांक 54 सर्वमंगलानगर बस्ती हसदेव नदी तट के किनारे बसी हुई है। बस्ती के एक तरफ नदी बहती है तो दूसरी तरफ नहर। नदी में पानी नहीं है तो नहर में पानी भरना किसी चुनौती से कम नहीं है। लिहाजा हर बार यहां के ग्रामीण नहर के मुहाने पर ढोढ़ी बनाकर पानी भरते थे। लेकिन इस बार नहर में पानी अधिक छोड़े जाने के कारण इस जगह पर पानी अधिक भर गया है। लेकिन पानी दूषित होने के कारण इसका उपयोग सिर्फ निस्तारी के लिए ही किया जाता है। पेयजल के लिए लोगों को यहां भटकना पड़ रहा है। बस्ती से ही लगा हुआ सर्वमंगलानगर गार्डन है।
 the people queue

गार्डन की घास को गीला करने के लिए निगम ने यहां पर एक कनेक्शन दिया हुआ है। इसमें साफ पानी आता है। लिहाजा पूरी बस्ती पीने के पानी के लिए यहां सिर्फ इस नल पर ही आश्रित है। सुबह-शाम पानी भरने के लिए लोगों की कतार गार्डन में लगती है। मोहल्ले वासियों ने अपनी-अपनी पारी बांध रखी है। इस वार्ड के लोगों को पेयजल व निस्तारी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। बस्तीवासियों में काफी नाराजगी देखी जा रही है।

स्त्रोत नहीं इसलिए बोर सफल नहीं, कबाड़ हुए- इस मोहल्ले में 65 मकान है। लगभग दो सौ से अधिक लोग रहते हैं। चूंकि यह क्षेत्र खदान प्रभावित है। इस कारण भूजल स्त्रोत खराब हो चुका है। तीन बोर किए गए थे। तीनों में ही पानी कुछ दिन बाद आना बंद हो गया। कई जगह सिंटेक्स टंकी लगाई गई। लेकिन यह शो-पीस बनकर रह गई हैं। ऐसे में तेज गर्मी के बीच लोगों को पानी ढोने की मजबूरी बन गई है।

इस वार्ड की योजना में अभी देरी, परेशानी खत्म नहीं होने वाली- वर्तमान में  जल आवर्धन योजना का काम 42 वार्ड तक चल रहा है। दूसरे फेस में बांकीमोंगरा व दर्री जोन को शामिल किया जाएगा। यह काम अब शुरू होने वाला है। वार्ड क्रमांक 54 को पानी मिलने में कम से कम दो साल का समय लग जाएगा। ऐसे में वार्डवासियों की परेशानी खत्म होते नहीं दिखती। हर बार गर्मी में लोग इस तरह से पानी के लिए परेशान होते रहते हैं।

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