युवती का रास्ता रोक लूट लिए 27,700 रुपए, सीसीटीवी में कैद हुआ आरोपियों का चेहरा

Piyushkant Chaturvedi

Publish: Jul, 18 2017 11:06:00 (IST)

Korba, Chhattisgarh, India
युवती का रास्ता रोक लूट लिए 27,700 रुपए, सीसीटीवी में कैद हुआ आरोपियों का चेहरा

साइकिल से घर लौट रही युवती की रास्ता रोकर बाइक लुटेरों ने 27 हजार 700 रुपए लूट लिए। जबतक युवती कुछ समझ पाती आरोपी फरार हो गए।

कोरबा. साइकिल से घर लौट रही युवती की रास्ता रोकर बाइक लुटेरों ने 27 हजार 700 रुपए लूट लिए। जबतक युवती कुछ समझ पाती आरोपी फरार हो गए। लुटेरों का चेहरा बैंक की सीसीटीवी में कैद हुआ है। उन्हें पुलिस पहचानने की कोशिश कर रही है।

घटना के संबंध में बताया जाता है कि बांकीमोंगरा कटइनार निवासी संध्या महंत बाकीमोंगरा स्थित एक हार्ड वेयर दुकान में काम करती है।

सोमवार को दुकान संचालक ने 25 हजार रुपए संध्या को बांकीमोंगरा स्टेट बैंक में जमा करने के लिए दिया था। युवती पैसे लेकर पहुंची, लेकिन पैन कार्ड नहीं होने  से पैसे जमा नहीं कर सकी।

जबतक पैन कार्ड  युवती तक पहुंचा बैंक में दोपहर का भोजन अवकाश हो गया। संध्या ने पैसे को पर्स में रख लिया। इसे साइकिल के सामने खुली डिक्की में दी।

बैंक से निकलकर घर कटाई नार जा रही थी। रास्ते में बाइक सवार दो युवकों ने सामने से रास्ता रोका। साइकिल की डिक्की से पर्स लूट ली। इसके पहले की युवती कुछ समझपाती लुटेरे फरार हो गए।

युवती ने चिल्लाकर लोगों को बुलाया, तबतक आरोपी फरार हो गए थे। घटना से दुकानदार और पुलिस को अवगत कराया गया। पर्स में युवती  अपना दो हजार 700 रुपए भी रखे थे।

सीसीटीवी में कैद हुआ चेहरा- जांच के लिए पुलिस स्टेट बैंक पहुंची। सीसीटीवी की छानबीन में लुटेरों का कैद हुआ है। इसमें पता चला है कि आरोपी सुबह से बैंक के आसपास मंडरा रहे थे। बैंक तक पहुंचाने वालों पर नजर रखे हुए थे।  

माइनिंग सरदार की नौकरी लगाने का झांसा देकर 60 हजार की ठगी
- माइनिंग सरदार की नौकरी लगाने का झांसा देकर एक कोचिंग संचालक ने 60 हजार रुपए की ठगी कर ली। आरोपी के खिलाफ पाली थाने में केस दर्ज किया गया है।

पुलिस ने बताया कि ग्राम मादन निवासी बिंदा प्रसाद की रिपोर्ट पर कोचिंग संचालक सिद्दार्थ  सिदार के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।

सिद्दार्थ पाली मेें एक कोचिंग का संचालन करता था। ग्राम मादन निवासी बिंदा से उसके पुत्र अविनाश को नौकरी लगाने का झांसा देकर 60 हजार रुपए लिया था।

लोगों को झांसे में लेने के लिए सिद्दार्थ स्वयं को पूर्व आईएएस अफसर बताता था। पहले कोल मंत्रालय में प्रतिनियुक्ति पर काम करने का दावा किया था। कहा था कि कोल मंत्रालसय में उसकी पहचान बड़े अफसरों से है।

वह अविनाश की नौकरी लगा देगा। धोखाधड़ी के एक अन्य मामले में सिद्दार्थ जेल में बंद है। उसके खिलाफ धोखाधड़ी का यह तीसरा केस है।

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