शासन से शहरी क्षेत्र में बिजली सुधार के लिए तीन करोड़ रुपए आवंटित

Piyushkant Chaturvedi

Publish: Jan, 13 2017 01:59:00 (IST)

Raigarh, Chhattisgarh, India
शासन से शहरी क्षेत्र में बिजली सुधार के लिए तीन करोड़ रुपए आवंटित

बिजली सुधार की योजना आरएपीडीआरपी के बाद शहर को मुख्यमंत्री शहरी विद्युतीकरण योजना में शामिल करते हुए तीन करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है।

कोरबा.  बिजली सुधार की योजना आरएपीडीआरपी के बाद शहर को मुख्यमंत्री शहरी विद्युतीकरण योजना में शामिल करते हुए तीन करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है। इसके तहत बिजली सुधार का काम शुरू कर दिया गया है।

शहर की बिजली वितरण व्यवस्था काफी पुरानी है। इसका प्रभाव सप्लाई पर पड़ता है। हल्की हवा चलने अथवा मौसम खराब होने पर बिजली बंद हो जाती है।

 वितरण व्यवस्था पुरानी होने से मांग अनुसार लाइनें खींचकर बिजली दी गई है। इससे लाइनें अव्यवस्थित हैं। इसे देखते हुए पहले आरएपीडीआरपी में कोरबा को शामिल करते हुए 40 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया।

 यह कार्य समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री शहरी विद्युतीकरण योजना के तहत तीन करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है।

पहली किस्त में मिले दो करोड़ रुपए के कार्यों के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद कार्य आरंभ कर दिया गया है। उपभोक्ताओं का कहना है कि शहर में बिजली बनती है।

एनटीपीसी, बालको, लैंको व विद्युत कंपनी के संयंत्र उत्पादनरत हैं। यहां की बिजली से देश प्रदेश रोशन हो रहे हैं। कायदे से जिले की बिजली वितरण व्यवस्था में अब तक सुधार हो जाना था।

 अब जाकर समस्या की सुध ली जा रही है। इससे भी समस्या काफी बढ़ गई है। सुधार कार्य में परेशानी हो रही है।

33 केवीए से अधिक परेशानी
शहर में बिजली ज्यादातर 33 केवीए लाइन के कारण बंद होती है। एक बार सप्लाई बाधित होने से पूरे शहर में अंधेरा हो जाता है। तुलसीनगर के लिए डबल सप्लाई की व्यवस्था पहले से है। 

इसका पूरा लाभ नहीं मिल पाता है। दूसरी लाइन बी टाइप सबस्टेशन से होकर आई है। यहां तक लाइन सिंगल है।

बुधवारी सबस्टेशन के लिए अलग लाइन
अभी 100 मेगावाट से 33 केवीए लाइन बुधवारी सबस्टेशन के लिए घुमकर आई हुई है। चार किमी लंबी लाइन है।

इसमें खराबी आने पर खोजकर इसे चालू करने में देरी होती है। तब तक शहर के एक भाग में अंधेरा रहता है। 132/33 केवीए सबस्टेशन की दूरी आधा किमी ही है।

इसे देखते हुए बुधवारी के लिए सीधी लाइन खीेची जा रही है। इस लाइन से नेहरुनगर सबस्टेशन को भी जोड़ा जाएगा। दोनों सबस्टेशन के लिए डबल सप्लाई की व्यवस्था हो जाएगी। एक लाइन में खराबी आने पर दूसरी का उपयोग किया जाएगा।

लाइनों में सुधार को  प्राथमिकता
अधिकारियों का कहना है कि योजना के तहत पूर्व में चिंहित समस्याओं का समाधान पहले किया जाएगा। इसका प्रस्ताव तैयार करके जिला प्रशासन को भेजा गया था।

इसे स्वीकृति मिल चुकी है। इसके तहत कार्य आरंभ कर दिया गया है। लाइनों में सुधार कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है।

कई बार छोटी समस्या के कारण बार बार बिजली बंद होती है। इसमें सुधार कार्य किया जा रहा है।

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