सीनियर क्रिकेटर्स के चयन में धांधली, अचानक बदल दिया स्थल और ट्रायल करा दिया मैट पे

Piyushkant Chaturvedi

Publish: Dec, 01 2016 05:59:00 (IST)

Korba, Chhattisgarh, India
सीनियर क्रिकेटर्स के चयन में धांधली, अचानक बदल दिया स्थल और ट्रायल करा दिया मैट पे

कोरबा डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन(केडीसीए)  द्वारा सीनियर लेवल की चयन प्रक्रिया से कई क्रिकेट खिलाड़ी असंतुष्ट हैं।

कोरबा. कोरबा डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन(केडीसीए)  द्वारा सीनियर लेवल की चयन प्रक्रिया से कई क्रिकेट खिलाड़ी असंतुष्ट हैं।

 चयन प्रक्रिया के दिन ट्रायल शुरू होने के एक घण्टे पहले पूर्व निर्धारित चयन स्थल बदल दिया गया। हद तो तब हो गई जब नियमों के विरूद्ध ट्रायल टर्फ विकेट के बजाय मैट पर निपटा दिया गया।
 
ये अनियमितताएं तब हो रही है जब प्रदेश को बीसीसीआई से मान्यता मिल चुकी है। जिसके बाद जिलों के क्रिकेट एसोसिएशन के पास फंड की भी कोई कमी नहीं है।

केडीसीए ने दो दिन पहले ही आधिकारिक सूचना जारी कर खिलाडिय़ों के साथ ही प्रेस आदि को सूचना जारी की थी। जिसके अनुसार एक दिसंबर को एनटीपीसी के मानसरोवर क्रिकेट स्टेडियम में छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ(सीएससीएस) द्वारा राज्य की टीम गठन के लिए जिला स्तर पर सीनियर लेवल के खिलाडिय़ों की चयन प्रक्रिया पूरी की जानी थी।

 लेकिन चयन वाले दिन गुरूवार की सुबह ग्राउण्ड तैयार नहीं होने की बात कहकर केडीसीए ने चयन स्थल परिवर्तित कर दिया। एनटीपीसी के बजाय चयन प्रक्रिया सीएसईबी वेस्ट के लाल मैदान में पूरी की गई।

जहां टर्फ विकेट तक मौजूद नहीं थी। नियमों के विरूद्ध मैट बिछाकर खिलाडिय़ों का ट्रायल लिया गया। जिससे कई कई बार मैट उखडऩे की समस्या भी पैदा हुई। कई खिलाड़ी चयन प्रक्रिया से निराश होकर लौटे।

चयन के लिए मैदान तैयार करने में भी केडीसीए द्वारा लापरवाही बरती गई है। मैदान को लेकर भी एसोसिशन संजीदा नहीं है।

गुणवत्ताहीन गेंद का इस्तेमाल
विशेषज्ञों के अनुसार बीसीसीआई की मान्यता मिलने के बाद जिला स्तर पर होने वाली चयन प्रक्रिया एसजी क्लब की बॉल से पूरी की जानी चाहिए। लेकिन केडीसीए द्वार गुणवत्ताहीन गेंद से ट्रायल लिया।
 जोकि बेहद आपत्तीजनक है।

एक्सपर्ट व्यू
 केडीसीए की पूरी चयन प्रक्रिया संदिग्ध है। चयन स्थल अचानक बदल दिया जाता है। इनके पास ट्रायल के लिए टर्फ विकेट तक उपलब्ध नहीं है। नियमों के विरूद्ध ट्रायल मैट पर कराया गया।

जबकि आगे चलकर टूर्नामेंट टर्फ विकेट पर ही होने हैं। चयनकर्ताओं के चयन में भी अनियमितता बरती गई है। इस तरह किसी को भी चयनकर्ता नहीं बनया जा सकता है।

उसे कम से कम युनिवर्सिटी खेला हुआ होना चाहिए। चयन प्रक्रिया से कई सीनियर खिलाडिय़ों को फिटनेस का बहाना बनाकर बाहर कर दिया गया जबकि चयन का आधार केवल प्रदर्शन होता है। ट्रायल के लिए घटिया क्वालिटी की गेंद का भी इस्तेमाल किया गया है।
 -सत्यनारायण यादव, छ: बार के युनिवर्सिटी खिलाड़ी, विजय ट्रॉफी की संभावित में शामिल रहे।

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned