World AIDS Day: गांव से अधिक शहरी क्षेत्र अब एड्स की चपेट में

Korba, Chhattisgarh, India
World AIDS Day: गांव से अधिक शहरी क्षेत्र अब एड्स की चपेट में

एचआईवी एड्स पॉजीटिव मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। इस साल 57 नए मरीज मिले हैं।

कोरबा. एचआईवी एड्स पॉजीटिव मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। इस साल 57 नए मरीज मिले हैं। इसके साथ ही एड्स पीडि़त मरीजों की संख्या बढ़कर 647 हो गई है।

इसमें सबसे अधिक युवा हैं।  आज एक दिसंबर है। इस दिन को विश्व एड्स दिवस के रूप में मनाया जाता है। जिले में नजर डालें तो इस गंभीर और जानलेवा बीमारी   की जांच के लिए जिले में वर्ष 2003 से केन्द्र कार्यरत है।

जिला चिकित्सालय समेत ब्लॉक मुख्यालय में इसकी स्थापना की गई है। अभी तक समिति ने 57 हजार 857 की जांच की है। इसमें 40 हजार 87 पुरुष और 17 हजार 760 महिलाएं हैं।

जांच के दौरान जिले में 647 मरीज एचआईवी एड्स पॉजीटिव पाए गए हैं। इसमें 396 पुरुष और 222 महिलाएं हैं। पीडि़त मरीजों में 30 से 40 साल तक के उम्र वाले लोगों की संख्या अधिक है।

 पॉजिटिव मरीजों की संख्या में सालाना 10 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है। पिछले साल तक पॉजिटिव मरीजों की संख्या 590 थी। जिले में लगातार बढ़े रहे एचआईवी पॉजीटिव मरीजों की संख्या जिला एड्स नियंत्रण समिति के लिए चिंता का विषय है।

छूने से नहीं फैलता एड्स
एचआईवी-एड़स पीडि़त मरीज को छूने, उनके साथ बैठकर खाना खाने, साथ रहने और घूमने-फिरने से दूसरे व्यक्ति को यह बीमारी नहीं होती है। ऐसे मरीजों के साथ सामान व्यवहार किया जाना चाहिए, ताकि उसे अपनेपन का अहसास हो सके।

एचआईवी और एड्स में अंतर
एड्स और एचआईवी दोनों में अंतर है। एचआईवी संक्रमित होने का अर्थ यह नहीं है कि मरीज को एड्स हो गया है। संक्रमित व्यक्ति कई सालों तक निरोगी रह सकता है। इसके लिए सही देखभाल और स्वास्थ्यवर्धक आहार की जरूरत है।

बालकोनगर सेक्टर- 1 में कार्यक्रम
विश्व एड्स दिवस पर बुधवार को बालकोनगर स्थित सेक्टर-1 एक परिचर्चा का आयोजन किया जा रहा है। सुबह 10 बजे से दोपहर तीन बजे तक कार्यक्रम होगा। इसमें एड्स क्या है?
 इसकी रोकथाम कैसे की जा सकती है? पर चर्चा की जाएगी। चिकित्सक एड्स से जुड़ी महत्वपूर्ण बातों पर चर्चा कर जानकारी देंगे। 

ग्रामीण क्षेत्रों में फैल रहा वायरस
एचआईवी का वाइसर न केवल शहरी क्षेत्र में है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में भी फैल रहा है। कोरबा, कटघोरा, पाली, पोड़ी-उपरोड़ा व करतला ब्लॉक के ग्रामों तक बीमारी फैल गई है।

 इसमें सबसे अधिक कोरबा और दीपका नगर  संवेदनशील इसलिए है क्योंकि यह परिक्षेत्र औद्योगिक है। स्लम एरिया में निवासरत और ट्रकर्स के अलावा सीरिंज से नशा करने वाले इसकी चपेट में कहीं अधिक आ रहे हैं।

 जिला एड्स नियंत्रण समिति के अंतर्गत एकीकृत परामर्श एवं जांच केन्द्र के माध्यम से इस पर काम हो रहा है।

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