...और टूटने लगा लोगों का सब्र

Abhishek Gupta

Publish: Nov, 30 2016 09:36:00 (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
...और टूटने लगा लोगों का सब्र

कैश न मिलने से नाराज लोगों ने किया रोड जाम, डेढ़ घंटे बाधित रखा रास्ता.

लखीमपुर-खीरी. बिना तैयारी अचानक नोट बंदी और करीब 22 दिन गुजर जाने के बावजूद नए नोटों की आपूर्ति मांग के अनुरूप न होने से तंगहाली झेल रहे लोगों के सब्र का बांध आखिरकार टूटने लगा है। कई-कई दिन लाइन में लगने के बावजूद लोगों को उनकी जरूरत तो दूर सरकार द्वारा निर्धारित की गई सीमा भर का भी पैसा नहीं मिल पा रहा। नतीजन अब लोगों का रवैय्या उग्र होने लगा है। बुधवार को सैकड़ों लोगों ने संसारपुर में रोड जाम कर दिया। करीब डेढ़ घंटे जाम लगा रहा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मशक्कत कर लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया और जाम खुलवाया।

गौरतलब रहे कि आठ नवंबर की रात करीब आठ बजे अचानक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक हजार और पांच सौ रुपए के नोटों को तुरंत बंद करने की घोषणा कर दी। जिसके बाद उहापोह की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। नोट बदलवाने के लिए पहले दिन से ही लोगों की भारी भीड़ बैंकों में जमा होने लगी। लोग सुबह से ही लाइन में लगने को मजबूर होने लगे। लेकिन व्यवस्थाएं दुरुस्त न होने से लोगों के लिए नोटों की बदली और जरूरत का पैसा मिलने की समस्या आड़े आने लगी। भीड़ बढ़ती चली गई लेकिन जरूरत का पैसा बैंकों को उपलब्ध नहीं कराया जा सका। 22 दिन से आर्थिक समस्या से परेशान लोगों के लिए बैंक प्रबंधकों व स्टाफ की मनमानी भी समस्याएं खड़ी करती रही। धीरे-धीरे सब्र का बांध टूटने लगा। 

संसारपुर में स्थित जिला सहकारी व इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक में लगातार दो दिनों से लोगों को रुपए नहीं मिल पा रहे थे। पहले भी हालत कुछ बेहतर नहीं थे। आखिरकार बुधवार को उपभोक्ताओं के सब्र का बांध टूट गया। नाराज ग्रामीणों ने बैंक प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुलिस चौकी के सामने नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने शाखा प्रबंधक के खिलाफ मनमानी व सौतेला व्यवहार किये जाने का आरोप भी लगाया। 

ग्रामीणों का कहना था कि वह हजार-दो हजार रुपए के लिए सुबह से शाम तक लाइन में लगे रहते हैं और बाद में कैश खत्म हो जाने का बहाना बनाकर उन्हें वापस भेज दिया जाता है। वहीं कुछ लोगों को प्रबंधक द्वारा फोन करके बुलाकर रुपए दिए जाते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक पैसों की तंगी के चलते उनका परिवार खासा परेशान है। लेकिन बैंक प्रबंधनों या शासन का कोई फर्क नहीं पड़ता। 

उन्होंने सरकार को घोषणा से पहले पूरी तैयारी न करने के लिए भी जमकर कोसा। जाम की वजह से दोनों ओर वाहनों की कतार लग गईं। सूचना मिलते ही चौकी इंचार्ज यदुवीर सिंह यादव दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया तब जाकर आवागमन सुचारू हो सके।

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