पहले चाची के पैर छूकर लिया आशीर्वाद, फिर उतारा मौत के घाट 

Lucknow, Uttar Pradesh, India
पहले चाची के पैर छूकर लिया आशीर्वाद, फिर उतारा मौत के घाट 

लोगों में चर्चा की मां काली को खुश करने के लिए भतीजे ने दी चाची की बलि...

लखीमपुर-खीरी. थाना क्षेत्र मैगलगंज के ग्राम बाईकुआ में एक भतीजे ने चाची की गर्दन कुल्हाड़ी से काटकर बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या के बाद से आरोपी मौके से फरार है। सूचना पाकर थाना पुलिस सहित पुलिस अधीक्षक खीरी ने घटना स्थल का मौका मुआयना कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हत्यारे की तलाश जारी है।

मैगलगंज एसओ एके सिंह ने बताया है कि अभियुक्त के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जायेगा।

जानकारी के अनुसार थाना मैगलगंज क्षेत्र के ग्राम बाईकुआ निवासी रमेश सिंह की पत्नी नीलम उर्फ रामश्री (35) ने गुरुवार को बच्चों को तैयार किया और पति बच्चों को स्कूल भेजने निकल पड़ा। घर का सारा काम निबटाकर नीलम नहाने के लिए जाने लगी। इसी बीच उसका भतीजा बबलू पुत्र सरदमन सिंह घर आ गया। नहाने जा रही चाची के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। लेकिन नीलम को नहीं पता था कि उसे वह आशीर्वाद दे रही है वही उसकी जान लेने वाला है। 

चाची नहाने के लिए जैसे ही बाथरूम के अंदर गईं कि अचानक बबलू कुल्हाड़ी लेकर आ गया। उसने पीछे से ही चाची की की गर्दन पर ताबड़तोड़ वार शुरू कर दिया। वार होते ही नीलम चीखने-चिल्लाने लगी। आवाज सुनकर जब तक लोग मौके पर पहुंचे वह काला कत्ल मौके पर ही फेंक कर फरार हो चुका था। लोगों ने मामले की जानकारी पुलिस व मृतका के पति को दी। पति भी बदहवास भागता हुआ आया। मौके के हालात देख वह भी गश खाकर गिर पड़ा। सूचना पर एसपी मनोज कुमार झा और थाना पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने आला कत्ल सुपुर्दगी में लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हत्यारे की तलाश जारी है। मृतका के दो बेटे व एक बेटी थी। घटना के बाद से सभी का रो-रो कर बुरा हाल है। 

काली को खुश करने के लिए दी चाची की बलि
ग्रामीणों के मुताबिक, बब्लू शादीशुदा था। वैसे तो वह टैम्पो चलाकर गुजारा करता था लेकिन कुछ महीनों से वह गांव से 26 मील दूर काली मां के मंदिर में मन्नत मांगने जाने लगा। कुछ दिन पहले उसने मां को खुश करने के लिए अपनी उंगली काटकर चढ़ा दी थी। जब मन्नत पूरी नहीं हुई तो उसे लगा कि शायद अब किसी स्त्री की बलि देने से ही मां प्रसन्न होंगी। लेकिन किसकी बलि देता। वह इसी सोच में पड़ गया। ग्रामीणों ने बताया कि वह चार दिन से टैम्पो भी लेकर नहीं गया था। जब कुछ लोगों ने उससे कारण पूछा तो उसने नरबलि चढ़ाने की बात बताई। लोगों ने इसे उसका पागलपन मान कर अनदेखा कर दिया। लेकिन आज जब उसने घटना को अंजाम दिया तो लोगों की रुहें कांप गईं। 

पति की मौजूदगी ने बचा ली संतन की जान
बब्लू पर नारी की कुर्बानी चढ़ाने का भूत इस कदर सवार था कि वह पहले गांव के ही संतन के घर पहुंचा। घर के अंदर दाखिल होने पर संतन की पत्नी आ गई। उसने संतन की पत्नी के पैर छूकर आशीर्वाद लिया और कुछ देर तक रुका रहा। लेकिन जब उसे पता चला कि संतन घर पर ही है तो वह बाहर निकल आया। हालांकि संतन कुर्बानी का इरादा कर चुका था। पड़ोस में रहने वाली चाची नीलम को अकेला पाकर उसने अपने इरादे को अंजाम देने में जरा भी देर नहीं की। 

...तो मारी जाती पत्नी
लोगों के मुताबिक, बब्लू शादीशुदा तो था लेकिन उसका बर्ताव पत्नी के अलग होने का कारण बन गया। ग्रामीण बताते हैं कि बब्लू के दो बेटे थे। इसके बावजूद वह अक्सर अपनी पत्नी से लड़ता-झगड़ता रहता था। रोज-रोज की लड़ाई से परेशान होकर एक दिन उसकी पत्नी अपनी छोटे बेटे को लेकर मायके चली गई तब से वह वहीं रह रही है। बड़ा बेटा बब्लू के साथ रहता था। लोगों ने कहा कि यदि समय रहते पत्नी मायके न चली जाती तो शायद आज नीलम की जगह वह भी मारी जा सकती थी।

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