एक अविश्वसनिय सच, एक अध्यापक और 269 बच्चे

Lucknow, Uttar Pradesh, India
  एक अविश्वसनिय सच, एक अध्यापक और 269 बच्चे

नगर क्षेत्र के स्कुलो में है अध्यपको की कमी, कैसे संभाल रही है एक अध्यपक 269 बच्चों को.

ललितपुर. आज के समय में जहाँ लोग एक बच्चे को नही संभाल पाते, एक बच्चे को संभालने के लिए काफी जद्दोजहिद करनी पड़ती है तो वहीं एक महिला के कंधों पर 269 बच्चों को संभालने की जिम्मेदारी है। उन मासूम बच्चों को पढ़ाने लिखाने की जिम्मेदारी। उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनाने की जिम्मेदारी है। उन बच्चों का भविष्य सुधारने की जिम्मेदारी। 

यह मामला है ललितपुर के एक सरकारी स्कूल का जो नगर क्षेत्र के नहरू नगर में स्थित है। यहाँ एक अध्यापक 269 बच्चों को संभालने में जी जान से जुटी हुई है और अपने कर्तव्य का पालन बखूबी कर रही है। इस स्कूल में 269 बच्चों का छात्रांकन है और इस स्कूल में केवल एक महिला अध्यापक की नियुक्ति है और इस बात की जानकारी जिले के शिक्षा विभाग के आला अधिकारियो को बखूबी है। यह महिला अध्यापक इस स्कूल में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत है जो अपने फर्ज को बखूबी अंजाम दे रही है। उनके कंधों पर स्कूल के मिड डे मील बनवाने की जिम्मेदारी है। स्कूल में तमाम रजिस्टर कागजातों को कम्प्लीट रखने की जिम्मेदारी है और इसके साथ बच्चों का भविष्य सवारने की भी जिम्मेदारी है। अध्यापकों की कमी के कारण इन दिनों जनपद की शिक्षा व्यवस्था बहुत खराब है। सरकार जहां सब पढ़े सब बढे के नारे का ढोल पीटते नहीं थक रही है। वहीं यथार्थ के धरातल पर स्थति इतनी बुरी है कि इसकी कल्पना नहीं की जा सकती।

एक विद्यालय में २९७ छात्र छात्रों पर महज एक टीचर है। वह किस क्लास को पढ़ाये किसको नहीं, टीचर ही नहीं समझ पाती। लगभग 275 बच्चों को सम्भालना ही एक टीचर के लिए मुश्किल होता है। जब टीचर से इस बावत बात की तो उसने बताया कि पढ़ाने की कोशिश ही करती हूं। पर इतने काम अतिरिक्त से सौप दिये जाते हैं कि उन्हें ही निपटाने में वक्त निकल जाता है।

जब इस बावत जिला बेसिक अधिकारी से बात की तो उन्होंने अध्यापकों की कमी का रोना रोया। जबकि स्थिति यह है कि बहुत से अध्यापक कार्यालय में ओर अन्य स्कूलों में अटैचमैन्ट करा कर स्कूल नहीं जा रहे हैं। भारत की सर्वोच्च न्यायालय ने भी कल प्रदेश सरकार की बेसिक शिक्षा पर बहुत ही तल्ख टिप्पड़ी करते हुए सरकार को जमकर फटकार लगाई है। पर हालात जस की तस है।

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