सूदखोरों ने दिया घर छोड़ने का फरमान, ब्याज चुकाते चुकाते खत्म हो गया व्यापार

Lucknow, Uttar Pradesh, India
 सूदखोरों ने दिया घर छोड़ने का फरमान, ब्याज चुकाते चुकाते खत्म हो गया व्यापार

अपने भाई के इलाज के लिए आपसी में मात्र 8000 रु की रकम बिना ब्याज के ली थी लेकिन सूदखोर ने 20 प्रतिशत के हिसाब से ब्याज की वसूली कर रहा है।

ललितपुर। एक जमाना था जब सामन्तवादी ताकतें आम आदमी पर हावी थी। आम आदमी पैसे वालों के चुंगल में जकड़ कर अपनी जमीन और जिंदगी दोनों से हाथ धो बैठता था लेकिन पीढ़ी दर पीढ़ी ब्याज चुकाता रहता था और आज स्वतंत्रता के 70 सालों बाद एक व्यक्ति का परिवार सूदखोरों के चुंगल में फास कर अपना सब कुछ खोने की कगार पर है। मगर उसका मूलधन आज भी तीन वर्ष बाद ज्यो का त्यों है।
 
यह मामला ललितपुर जनपद के सदर कोतवाली क्षेत्र के एक मुहल्ले का है जहां के निवासी आकाश चौबे ने अपने भाई के इलाज के लिए केवल 8 हजार रुपए की रकम तीन वर्ष पहले दोस्ती में बिना ब्याज के ली थी। लेकिन वह लगभग तीन वर्ष से 20℅ का ब्याज चुका रहा है। पीड़ित का कहना है कि उसने अपने भाई के इलाज के लिए आपसी में मात्र 8000 रु की रकम बिना ब्याज के ली थी लेकिन सूदखोर ने 20 प्रतिशत के हिसाब से ब्याज की वसूली कर रहा है। सूदखोरों को राजनैतिक संरक्षण प्राप्त है। वह दबंग लोग हैं, मारपीट करना उनका पेशा है। बीती रात शक्ति वाल्मीकि पुत्र दिलीप वाल्मीकि निवासी साईँ मंदिर के पास ने पीड़ित आकाश चौबे पुत्र महादेव प्रसाद चौबे को दो अज्ञात लोगों ने मोटरसाइकिल पर जबर्दस्ती ले जाकर शक्ति वाल्मीकि के घर अंधेरे कमरे में छोड़ दिया। 


वहां शक्ति वाल्मीकि के अलावा दो और लोग छोटे साहू और आदर्श गुप्ता थे। शक्ति ने ब्याज के पैसे मांगे और रकम न देने की दशा में शक्ति वाल्मीकि, छोटे साहू, आदर्श गुप्ता ने अपने साथियों के साथ मिलकर गाली गलौज, मारपीट की तथा बंधक बनाकर रखा फिर छोड़ दिया और फरमान जारी कर दिया कि तुम लोग अपना घर छोड़कर यहां से चले जाओ। पीड़ित  का कहना है कि में पिछले तीन सालों में 70 से 80 हजार रु ब्याज की रकम चुका रहा हूं और ब्याज चुकाते चुकाते हमारी तीन टैक्सियां बिक गई लेकिन उसकी रकम आज भी ज्यों की त्यों है। 
          
आपको बताते चले कि अभी कुछ दिनों पहले एक सूदखोर के डर से एक किशोर ने आत्महत्या कर ली थी लेकिन कानून की लचर कार्य प्रणाली के चलते सूदखोरों का आतंक मचा हुआ है कई ऐसी शिकायतें आई हैं मगर आज तक किसी के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।


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