इस चुनाव मुद्दों से तौबा सब कर रहे खौफ की राजनीति

Dikshant Sharma

Publish: Feb, 16 2017 01:43:00 (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
इस चुनाव मुद्दों से तौबा सब कर रहे  खौफ की राजनीति

ऊंच-नीच समझाने की आड़ में धमकाना भी शुरू कर दिया है

विकास की बात नहीं करेंगे....
आलोक पाण्डेय

लखनऊ. यूपी के सत्ता संग्राम में राजनीतिक दलों को मुद्दों से परहेज है। सात चरणों के चुनावी चक्रव्यूह में दो चरण खत्म होते-होते नेताओं के बोल-बचन तीखे हो चुके हैं। बुनियादी मसलों पर बात करने और सवाल पूछने के बजाय खौफ की राजनीति हावी होने लगी है। सरकार बनने पर विरोधी दलों के नेताओं-कार्यकर्ताओं को जेल भेजने की बात मंच से गूंजने लगी है। कुल मिलाकर यूपी के अखाड़े में किसी भी पार्टी को खौफ की राजनीति से परहेज नहीं है। प्रत्यक्ष-परोक्ष रूप से धमकाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष नरेंद्र मोदी, बसपा सुप्रीमो मायावती के साथ-साथ सपा के कद्दावर नेता आजम खान भी शामिल हैं। इसके अलावा दबंग उ मीदवारों ने समर्थकों के जरिए विरोधी प्रत्याशी के सक्रिय सदस्यों को ऊंच-नीच समझाने की आड़ में धमकाना भी शुरू कर दिया है।

काला-चिट्ठा खोलेंगे मोदी

लखीमपुर-खीरी की जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बगैर नाम कहाकि चुनाव परिणाम आने के बाद भ्रष्टाचार करने वाले सभी लोगों के कारनामों का कच्चा-चिट्ठा खोल दिया जाएगा। मोदी के इस बयान को राजनीतिक गलियारों में धमकी के रूप में देखा गया है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक सपा-कांग्रेस गठबंधन के बाद भाजपा के चुनावी अभियान को झटका लगा है। मुलायम सिंह के विरोध के बावजूद गठबंधन नहीं टूटा। इसी के बाद भाजपा ने अप्रत्यक्ष रूप से सपा के नेताओं को धमकाना शुरू किया है। बहरहाल, प्रधानमंत्री के बयान को आय से अधिक संपत्ति मामले में फंसे मुलायम सिंह और ताज कॉरिडोर मामले में उलझी मायावती के संदर्भ में देखा गया है।

एक-एक से निबटेंगे शाह

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने इटावा रैली के दौरान ललकार लगाते हुए कहाकि इटावा-औरैया को अपनी जागीर समझने वालों के बुरे दिन आने वाले हैं। 11 मार्च के बाद यूपी के अच्छे दिनों का वादा करते हुए शाह ने कहाकि प्रदेश में सरकार बनने के बाद प्रदेश के विकास का बंटाधार करने वाले सभी नेताओं से निबटा जाएगा। शाह की धमकी के खिलाफ समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग में शिकायत भी दर्ज कराते हुए कहा है कि भाजपा अध्यक्ष धमकी देकर विरोधी दलों के कार्यकर्ताओं को चुनाव प्रचार से दूर करना चाहते हैं।

सपाइयों को जेल भेजेंगी मायावती



बसपा सुप्रीमो मायावती ने पार्टी के संकल्प-पत्र में स्पष्ट किया है कि प्रदेश में सरकार बनने के बाद सपा के सभी गुंडों, बदमाशों, माफियाओं को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा। मायावती ने इसके साथ ही जेल में कैद लोगों को समीक्षा करने के बाद रिहा करने का वादा भी किया है। संकल्प पत्र के पहले बिंदु में ही सपाइयों को जेल भेजने की बात  से जाहिर है कि बसपा भी सपा कार्यकर्ताओं को धमकाने में पीछे नहीं है।

दंगों की राजनीति के सहारे आजम



सपा के कद्दावर नेता और रामपुर से प्रत्याशी आजम खान ने स्पष्ट तौर पर किसी को धमकाया तो नहीं, लेकिन पश्चिम यूपी के दंगों की बात उछालकर मतदाताओं में खौफ पैदा करने का प्रयास किया है। आजम के मुताबिक भाजपा के कार्यकर्ता मुस्लिम मतदाताओं के घर जाकर दंगों की याद दिलाकर सोच-समझकर मतदान करने के लिए कह रहे हैं। इस बयान के जरिए आजम ने मुस्लिम मतदाताओं को पिछले बरस पश्चिम यूपी में हुए दंगों से डराने का प्रयास किया है, ताकि मुस्लिम बिरादरी के एकमुश्त वोट सपा की झोली में पहुंचें।

केशव भी कारागार में भेजेंगे



भाजपा के यूपी अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को एक रैली में कहाकि चुनाव बाद सरकार बनते ही सपाइयों को जेल भेजा जाएगा। केशव ने सपाइयों का अपराध नहीं बताया, लेकिन यह जरूर कहाकि भाजपा कार्यकर्ताओं का उत्पीडऩ करने वाले अब बक्शे नहीं जाएंगे। केशव के इस बयान को भी धमकी के रूप में देखा गया है।

यह हैं यूपी के खास मुद्दे

यूपी में मुद्दों की कमी नहीं, लेकिन नेता बात करने से परहेज करते हैं। कारण यहकि सरकार बनने के बाद मुद्दों का समाधान खोजना होगा, सहूलियत मुहैया करानी होगी। यह तनिक मुश्किल होगा, इसलिए मुद्दों को घोषणा-पत्र का हिस्सा बनाने के बाद चुप्पी साधकर सभी राजनीतिक दल बैठ गए हैं। यूं यूपी के खास मुद्दों में बिजली संकट, महिला सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, रोजगार, उद्योगों का पलायन, संपर्क मार्ग हैं।

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