करीब 25 हजार डायबिटीज पीड़ित बच्चों को मिलेगी मुफ्त इन्सुलिन की सुविधा 

Rohit Singh

Publish: Nov, 29 2016 01:42:00 (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
करीब 25 हजार डायबिटीज पीड़ित बच्चों को मिलेगी मुफ्त इन्सुलिन की सुविधा 

इस बजट से करीब 25 हजार बच्चों को लाभ मिलेगा। जल्द ही ये बजट राजधानी के बड़े अस्पतालों को जारी किया जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है।  D

लखनऊ। राजधानी के टाइप-वन डायबिटीज से पीड़ित बच्चों को जल्द ही मुफ्त इन्सुलिन की सुविधा मिलेगी। इसके लिए एनएचएम की ओर से सीएमओ कार्यालय को 55 लाख रुपये का बजट जारी किया गया है। इस बजट से करीब 25 हजार बच्चों को लाभ मिलेगा। इस बारे में सीएमओ लखनऊ डॉ. एसएनएस यादव ने बताया कि जल्द ही ये बजट राजधानी के बड़े अस्पतालों को जारी किया जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है।  

इन अस्पतालों को जारी होगा बजट 
इन्सुलिन के लिए बजट शहर के बलरामपुर अस्पताल, लोहिया अस्पताल, सिविल अस्पताल, रानी लक्ष्मीबाई अस्पताल, भाऊराव देवरस अस्पताल और लोकबंधु राजनारायण अस्पताल को जारी किया जाएगा।  

डायबिटीज एक आंकड़ा 
- केजीएमयू के प्रो. कौसर उस्मान के मुताबिक़ डायबिटीज को लेकर कोई सही आंकड़ा नहीं है  लेकिन एक अनुमान के मुताबिक़ शहरों में 15 प्रतिशत और गांवों में 10 प्रतिशत आबादी डायबिटीज से पीड़ित हैं।
-  कुल डायबिटीज से पीड़ित आबादी का 5 प्रतिशत टाइप-वन डायबिटीज से पीड़ित है। 
- इस तरह से 2011 की जनगणना के अनुसार लखनऊ की करीब 28 लाख आबादी थी। 
- वर्तमान में हम लखनऊ की आबादी को 30 लाख मान रहे हैं। इस आबादी के सापेक्ष 15 प्रतिशत के हिसाब से लखनऊ शहर में करीब 4 लाख 50 हजार लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं। यानी टाइप वन डायबिटीज से करीब 22 हजार 500 लोग पीड़ित हो सकते हैं। जिसे हमने 25 हजार मान लिया है। 

सरकार जागरूकता पर दें ज्यादा ध्यान 
डॉ. कौसर उस्मान ने बताया कि साल  2014 -2015 में केंद्रीय सालाना स्वास्थ्य बजट का करीब साढ़े चार गुना केवल डायबिटीज पर खर्च हो गया। जोकि भारत में डायबिटीज रोगियों की संख्या और इलाज में खर्च की भयावह स्तर को दर्शाता है। ये आंकड़ा साल दर साल 20 से 25 प्रतिशत बढ़ता चला जाएगा। 

उन्होंने बताया कि साल 2015 में भारत का सालाना केंद्रीय स्वास्थ्य बजट 2014 -2015 करीब 32 हजार करोड़ था। इस वर्ष इस बजट का करीब साढ़े चार गुना केवल डायबिटीज पर खर्च हो गया। इसलिए सरकार को डायबिटीज की दवाइयों के बजाय इसकी रोकथाम की ओर ध्यान देना चाहिए। इसके लिए बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए जिससे डायबिटीज के प्रति लोग अवेयर हो सकें। 

उन्होंने बताया कि टाइप वन डायबिटीज केवल बच्चों में पाया जाता है। उसमें इन्सुलिन लगाकर बीमारी पर काबू पाया जा सकता है। असंयमित जीवनशैली, फ़ास्ट फ़ूड, और व्यायाम न करने से डायबिटीज के रोगियों में तेजी से वृद्धि हुई है। 






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